पंजाब के फिरोजपुर में कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ रैली’ का आयोजन हुआ. इस दौरान पार्टी की टॉप लीडरशिप ने हिस्सा लिया. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल भी रैली में शामिल हुए.
पंजाब के फिरोजपुर जिले के कस्बे गुरुहरसहाय में रविवार को पंजाब कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम रैली’ ने प्रदेश की राजनीति में नया जोश भर दिया। इस रैली को न सिर्फ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है, बल्कि इसे अब तक की पंजाब की सबसे बड़ी मनरेगा केंद्रित रैली बताया जा रहा है। हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं, मजदूरों और आम लोगों की मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया कि कांग्रेस मनरेगा को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष के मूड में है।

हजारों की भीड़, कांग्रेस की एकजुटता का प्रदर्शन
गुरुहरसहाय की इस रैली में पंजाब कांग्रेस के तमाम बड़े और प्रभावशाली नेता एक मंच पर नजर आए। मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, राणा गुरजीत सिंह समेत कई मौजूदा और पूर्व विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। रैली स्थल पर उमड़ी भीड़ ने कांग्रेस नेतृत्व के दावों को मजबूती दी कि मनरेगा का मुद्दा सीधे तौर पर पंजाब के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों से जुड़ा है।

मनरेगा पर केंद्र सरकार को घेरा
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। भूपेश बघेल ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है, जिससे लाखों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। बघेल ने कहा कि बीजेपी सरकार मजदूर विरोधी नीतियों पर चल रही है और मनरेगा को कमजोर करने की साजिश कर रही है।
चरणजीत सिंह चन्नी का बड़ा ऐलान
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा ने देश के गरीब तबके को आत्मसम्मान के साथ रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मनरेगा को कमजोर किया गया तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। चन्नी ने मंच से ऐलान किया कि मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी और जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक संघर्ष किया जाएगा।
राजा वड़िंग और बाजवा की हुंकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब की धरती से यह संदेश दिया जा रहा है कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगी। वहीं नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मनरेगा पर हमला असल में ग्रामीण भारत पर हमला है। उन्होंने केंद्र सरकार से मनरेगा के लिए पूरा बजट जारी करने और लंबित भुगतान तुरंत करने की मांग की।
राजनीतिक मायने और आगे की रणनीति
इस रैली को आने वाले समय में पंजाब की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह मनरेगा को एक बड़ा जन मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। रैली के जरिए कांग्रेस ने न सिर्फ अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाई, बल्कि यह भी संकेत दिया कि पार्टी जमीनी मुद्दों के साथ जनता के बीच उतरने को तैयार है।
कुल मिलाकर, गुरुहरसहाय की ‘मनरेगा बचाओ संग्राम रैली’ ने पंजाब की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है और केंद्र सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
Also Read :
पूजा खेडकर के घर सनसनीखेज चोरी, घरेलू हेल्पर पर गंभीर आरोप !