मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को SC की बड़ी राहत, जेल से रिहाई !

 सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में अब्बास अंसारी को जमानत दे दी है. अब्बास को पिछले साल अंतरिम जमानत मिली थी, जिसे स्थायी जमानत में बदल दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष दी गई अंतरिम जमानत को अब नियमित जमानत में तब्दील कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अब्बास अंसारी का आचरण संतोषजनक रहा, इसी आधार पर उन्हें नियमित जमानत दी जा रही है। इस फैसले के बाद अब्बास अंसारी के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को SC की बड़ी राहत, जेल से रिहाई !
मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को SC की बड़ी राहत, जेल से रिहाई !

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि जमानत देते समय कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने कहा है कि अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश छोड़ने से पहले पुलिस और प्रशासन को इसकी पूर्व सूचना देनी होगी। इसके अलावा, वह कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति को प्रभावित नहीं करेंगे और न ही जांच या न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा डालेंगे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब्बास को जमानत की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा, अन्यथा उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।

इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अब्बास अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और निजाम पाशा ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अब्बास अंसारी काफी लंबे समय से जेल में बंद हैं और गैंगस्टर एक्ट मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। साथ ही, इस केस के अंतिम निपटारे में अभी काफी समय लग सकता है। ऐसे में, लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं होगा और उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।

बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि अंतरिम जमानत के दौरान अब्बास अंसारी ने कोर्ट द्वारा लगाई गई सभी शर्तों का पालन किया और उनके खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत सामने नहीं आई। इसी आधार पर जमानत को नियमित किए जाने की मांग की गई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

 अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अब्बास अंसारी का आचरण संतोषजनक रहा
अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अब्बास अंसारी का आचरण संतोषजनक रहा

अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया का इतिहास भी काफी लंबा और जटिल रहा है। 4 नवंबर 2022 को उन्हें अन्य आपराधिक मामलों में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 31 अगस्त 2024 को चित्रकूट जिले के कोतवाली कर्वी थाने में उनके खिलाफ जबरन वसूली और मारपीट से जुड़ा एक मामला दर्ज किया गया। इसी मामले के आधार पर 6 सितंबर 2024 को उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को आंशिक राहत देते हुए गैंगस्टर एक्ट को छोड़कर अन्य सभी आपराधिक मामलों में जमानत दे दी थी। हालांकि, गैंगस्टर एक्ट का मामला लंबित होने के कारण वह जेल में ही रहे। अब ताजा आदेश के बाद गैंगस्टर एक्ट मामले में भी उन्हें जमानत मिल गई है, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

अब्बास अंसारी, दिवंगत माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे हैं और उनकी राजनीति और कानूनी मामलों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हमेशा चर्चा रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को उनके समर्थक बड़ी राहत के तौर पर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठा सकता है।

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि अब्बास अंसारी आगे किस तरह से जमानत की शर्तों का पालन करते हैं और उनकी राजनीतिक गतिविधियां किस दिशा में जाती हैं। यह फैसला न केवल उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अहम है, बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत में भी इसके असर देखे जा सकते हैं।

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