बिहार में नौकरी की सौगात, कंडक्टर योग्यता में राहत!

 बिहार कैबिनेट ने 41 फैसलों पर मुहर लगाई है. इसमें नौकरियों से लेकर मुंबई में बिहार भवन बनाने तक के अहम निर्णय लिए गए हैं.

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बड़े और अहम फैसले लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। समृद्धि यात्रा पर निकलने से पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार, 13 जनवरी 2025 को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें कुल 41 एजेंडों पर मुहर लगी। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई यह बैठक कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें एनडीए सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारने से जुड़े ठोस निर्णय लिए गए हैं।

बिहार में नौकरी की सौगात, कंडक्टर योग्यता में राहत!

कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फोकस रोजगार और नई नियुक्तियों पर रहा। सरकार ने करीब 739 पदों पर भर्ती के फैसले को मंजूरी देकर युवाओं को बड़ी राहत दी है। इसके अलावा कृषि विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 534 पदों और पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 पदों सहित कुल 694 पदों पर बहाली की स्वीकृति दी गई है। वहीं डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में भी 200 पदों पर नई नियुक्तियों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों को राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सरकार ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भी अहम फैसला लिया है। बिहार के 13 जेलों में नए सिरे से 9,073 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना पर कुल 155 करोड़ 38 लाख 36 हजार 153 रुपये खर्च होंगे। सरकार का मानना है कि इससे जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा तथा किसी भी तरह की अव्यवस्था पर नजर रखना आसान होगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास से जुड़े फैसलों में भी कैबिनेट बैठक काफी महत्वपूर्ण रही। मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के लिए 314 करोड़ 20 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह भवन महाराष्ट्र में रहने वाले बिहारवासियों और वहां कामकाज से जुड़े लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। इसके साथ ही राज्य की पहचान और प्रतिष्ठा को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दरभंगा हवाई अड्डा के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 50 एकड़ भूमि के अधिग्रहण पर 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से मिथिलांचल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। एनडीए सरकार पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि चुनावी वादों के बाद उन पर अमल में देरी होती है, लेकिन इस बैठक में लिए गए निर्णयों से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह अपने वादों को गंभीरता से पूरा कर रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से पहले हुई यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री इन फैसलों को जनता के बीच रखकर सरकार की उपलब्धियों को गिनाएंगे। रोजगार, सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग—चारों मोर्चों पर लिए गए फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार चुनाव से पहले विकास और सुशासन को अपना प्रमुख हथियार बनाने की तैयारी में है।

कुल मिलाकर, नीतीश कैबिनेट की यह बैठक न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखता है, इस पर जनता और विपक्ष दोनों की नजर बनी रहेगी।

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