राहुल गांधी के राम मंदिर जाने के दावे पर गिरिराज सिंह का तीखा पलटवार !

 राहुल गांधी के राम मंदिर जाने के दावे पर गिरिराज सिंह ने तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि मंदिर जाना एहसान नहीं, आस्था और आशीर्वाद का विषय है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने तीखा पलटवार किया है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के इरादों, बयानबाजी और राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कड़ी टिप्पणी की। उनका बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी के राम मंदिर जाने के दावे पर गिरिराज सिंह का तीखा पलटवार !
राहुल गांधी के राम मंदिर जाने के दावे पर गिरिराज सिंह का तीखा पलटवार !

गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में राम मंदिर जा रहे हैं, तो इसमें वह भगवान राम पर कौन सा एहसान करने जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंदिर जाना किसी पर उपकार करने जैसा नहीं होता, बल्कि यह श्रद्धा और आस्था का विषय है। मंदिर में जाकर भगवान से आशीर्वाद लिया जाता है, न कि किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश दिया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राम मंदिर को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसे किसी भी तरह की सियासी रणनीति या छवि सुधार का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। गिरिराज सिंह के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सच्ची श्रद्धा के साथ मंदिर जाता है, तो उसे भगवान राम के सामने विनम्र होकर समाज और देश के कल्याण की कामना करनी चाहिए, न कि कैमरों और सुर्खियों के लिए वहां जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के पूर्व बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को पहले अपने रुख पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने लंबे समय तक राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया और अब अचानक मंदिर जाने की बातें कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि जनता सब कुछ देख और समझ रही है, इसलिए ऐसे कदमों को राजनीतिक नजरिए से देखा जाना स्वाभाविक है।

गिरिराज सिंह ने विदेश में दिए जाने वाले बयानों को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति भारत को भारत माता मानता है, उसे विदेश जाकर देश के खिलाफ बयान नहीं देना चाहिए। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर राहुल गांधी सच में राम मंदिर जाते हैं, तो यह उनके लिए सद्बुद्धि का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को भगवान राम से देश और समाज के लिए सही रास्ता दिखाने की प्रार्थना करनी चाहिए। गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि भगवान राम मर्यादा, सत्य और राष्ट्रधर्म के प्रतीक हैं, और जो व्यक्ति उनके मंदिर में जाता है, उसे इन मूल्यों को अपने जीवन और राजनीति में भी उतारना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है। ऐसे में वहां जाने वाले हर व्यक्ति से यह अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर श्रद्धा और सम्मान के साथ मंदिर आए। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अक्सर आस्था के मुद्दों को राजनीतिक चश्मे से देखती रही है, जिससे उसकी नीयत पर सवाल उठते हैं।

इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। जहां बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के बयान को राहुल गांधी की कथित दोहरी राजनीति पर हमला बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस समर्थक इसे बेवजह का राजनीतिक विवाद करार दे रहे हैं। राम मंदिर को लेकर राहुल गांधी के संभावित दौरे पर पहले से ही सियासी माहौल गर्म है और गिरिराज सिंह के इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।

कुल मिलाकर, राहुल गांधी के राम मंदिर जाने को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर आस्था और राजनीति के रिश्ते पर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या यह सियासी बयानबाजी और तेज होती है या फिर मामला शांत हो जाता है।

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