संभल पुलिस को सीजेएम कोर्ट ने पिछले दिनों दो मामलों में पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिया था. जिसे लेकर अखिलेश यादव ने ट्वीट कर संभल पुलिस पर निशाना साधा है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस और न्यायपालिका के बीच टकराव जैसे हालात को लेकर सियासत तेज हो गई है। सीजेएम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज न होने का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया के जरिए संभल पुलिस और योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है।

दरअसल, बीते दिनों संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। इनमें से एक मामला बदायूं निवासी ओमवीर का है, जबकि दूसरा मामला संभल हिंसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।

पहला मामला बदायूं के रहने वाले ओमवीर से जुड़ा है। आरोप है कि संभल पुलिस ने ओमवीर को लुटेरा बताते हुए फर्जी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस रिकॉर्ड में ओमवीर को एक लूट की वारदात में आरोपी दिखाया गया, लेकिन जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस समय लूट की घटना को अंजाम देने का आरोप उस पर लगाया गया, उस समय ओमवीर किसी अन्य मामले में पहले से ही जेल में बंद था। इस गंभीर विरोधाभास के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और इसे गंभीर लापरवाही व साजिश करार दिया। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने थाना अध्यक्ष समेत कुल 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश संभल पुलिस को दिए। कोर्ट के आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि मामले में कानून के तहत कार्रवाई की जाए, लेकिन आदेश जारी होने के कई दिनों बाद भी पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की।
दूसरा मामला संभल हिंसा से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें भी पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। इस मामले में भी कोर्ट ने संबंधित पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि, यहां भी पुलिस की ओर से आदेश की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
इन्हीं दोनों मामलों को लेकर अखिलेश यादव ने ट्वीट कर संभल पुलिस पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है, तो इससे बड़ा कानून का मजाक और क्या हो सकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर पुलिस ही कोर्ट के आदेश नहीं मानेगी, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
सपा अध्यक्ष ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझने लगी है। उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ कार्रवाई के दावे करती है, लेकिन जब पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात आती है, तो पूरा सिस्टम चुप हो जाता है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि फर्जी मुठभेड़ों और झूठे मुकदमों के जरिए निर्दोष लोगों को फंसाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने मांग की कि कोर्ट के आदेश का तुरंत पालन किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर बिना देरी मुकदमा दर्ज हो।
फिलहाल इस पूरे मामले पर संभल पुलिस या यूपी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर कोर्ट के आदेशों की अनदेखी ऐसे ही जारी रही, तो यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर सकता है।
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