रिश्वत लेकर पट्टा देने वालों पर सीएम योगी सख्त, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश !

उत्तर प्रदेश में पट्टा आवंटन में भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। पैसे लेकर पट्टा देने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी जमीन के आवंटन में किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

रिश्वत लेकर पट्टा देने वालों पर सीएम योगी सख्त, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश !
रिश्वत लेकर पट्टा देने वालों पर सीएम योगी सख्त, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश !

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई जिलों से यह शिकायतें सामने आई थीं कि सरकारी भूमि, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निर्धारित पट्टों का आवंटन पैसे लेकर या सिफारिश के आधार पर किया जा रहा है। कुछ मामलों में पात्र लोगों को नजरअंदाज कर अपात्रों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगे हैं। इन शिकायतों के मुख्यमंत्री तक पहुंचते ही उन्होंने तुरंत अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि पट्टा आवंटन सामाजिक न्याय से जुड़ा मामला है और इसमें भ्रष्टाचार गरीबों के हक पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ है—जिस जमीन पर गरीब का हक है, वह उसे हर हाल में मिलनी चाहिए। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी इस प्रक्रिया में दलाली, रिश्वतखोरी या मनमानी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ न सिर्फ विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी।

रिश्वत लेकर पट्टा देने वालों पर सीएम योगी सख्त, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश !
रिश्वत लेकर पट्टा देने वालों पर सीएम योगी सख्त, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश !

सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में पट्टा वितरण से जुड़े मामलों की पुनः समीक्षा कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि अब तक दिए गए पट्टे नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाएं। तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर खास नजर रखने को कहा गया है। सीएम ने दो टूक कहा कि अगर किसी जिले में लगातार शिकायतें आ रही हैं, तो वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सरकार के इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। कई जिलों में अधिकारियों ने पुराने पट्टा मामलों की फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं। कुछ जगहों पर आंतरिक जांच भी तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पट्टा आवंटन घोटालों से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

वहीं, आम जनता और खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से पट्टा आवंटन में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बना हुआ था। गरीब और भूमिहीन लोग सालों तक दफ्तरों के चक्कर काटते रहते थे, जबकि पैसे देने वाले आसानी से जमीन हासिल कर लेते थे। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों से अब उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जाए। किसी भी गरीब या जरूरतमंद को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और बीच में कोई बिचौलिया न पनप सके।

कुल मिलाकर, पट्टा आवंटन में पैसे के खेल पर मुख्यमंत्री योगी का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि सरकार अब भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इस कार्रवाई का असर जमीन पर कितना दिखता है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल प्रशासन में संदेश साफ है—गलत किया तो बख्शे नहीं जाएंगे

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