यूपी के कई जिलों में अगले 48 घंटे के दौरान घना कोहरा और कड़ाके की सर्दी पड़ने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी यूपी में बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण शीतलहर और घने कोहरे की गिरफ्त में है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, मेरठ और वाराणसी समेत करीब 34 जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है।
मौसम विभाग ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली और गोरखपुर जैसे जिलों के लिए बहुत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर गंभीर असर पड़ा है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा पड़ने की संभावना है। साथ ही कई इलाकों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। अयोध्या, वाराणसी और लखनऊ जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर दृश्यता इतनी कम है कि ड्राइवरों को लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाने पड़ रहे हैं। रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है, जहां कई ट्रेनों के देरी से चलने की सूचना है। वहीं, कुछ स्थानों पर उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण ठंड और कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को खास दिक्कत हो रही है। कई जिलों में प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों के समय में बदलाव किया है, जबकि कुछ जगहों पर कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी गंभीर है, जहां लोग अलाव जलाकर और गर्म कपड़ों का सहारा लेकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। शीतलहर और कोहरे के दौरान सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की भी सिफारिश की जा रही है।
किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बन गया है। घना कोहरा और अत्यधिक ठंड रबी की फसलों पर असर डाल सकती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित समय तक ठंड रहने से गेहूं जैसी फसलों को लाभ भी हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक शीतलहर और कोहरा नुकसानदायक साबित हो सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
प्रशासन की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों पर गश्त बढ़ाएं और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। घने कोहरे के दौरान वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो फॉग लाइट और लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में जारी यह भीषण शीतलहर और घना कोहरा फिलहाल राहत के संकेत नहीं दे रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में आम लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।