सपा मुख्यालय में मंथन, अखिलेश यादव ने मिशन 2027 पर कसा फोकस !

 अखिलेश यादव विधानसभावार रिपोर्ट ले रहे हैं. जिसमें पार्टी की तैयारी और प्रत्याशी की दावेदारी पर भी चर्चा हो रही है. लोकसभा चुनावों में सपा ने 37 सीटें जीतकर बीजेपी को करार झटका दिया था.

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार (20 जनवरी) को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी सांसदों की एक अहम और हाई-लेवल बैठक बुलाई।

बजट सत्र से ठीक पहले बुलाई गई इस बैठक को सियासी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें न केवल संगठन की स्थिति बल्कि मिशन 2027 को लेकर रणनीति पर भी गहन मंथन किया जा रहा है।

सपा मुख्यालय में मंथन, अखिलेश यादव ने मिशन 2027 पर कसा फोकस !
सपा मुख्यालय में मंथन, अखिलेश यादव ने मिशन 2027 पर कसा फोकस !

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में अखिलेश यादव विधानसभावार रिपोर्ट ले रहे हैं। प्रत्येक सांसद से उनके क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, पार्टी की जमीनी तैयारी और संभावित प्रत्याशियों की दावेदारी को लेकर फीडबैक मांगा जा रहा है। खास बात यह है कि मौजूदा SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की स्थिति और उसमें सामने आ रही समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हो रही है। सपा नेतृत्व इस बात को लेकर सतर्क है कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर कोई चूक न रह जाए, जिसका नुकसान पार्टी को चुनाव में उठाना पड़े।

बैठक में शामिल सांसदों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि हर उस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की जा रही है, जिससे भारतीय जनता पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में चुनौती दी जा सके। सांसदों ने दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से परेशान है, उनकी समस्याओं की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही और ऐसे में समाजवादी पार्टी ही एकमात्र विकल्प बनकर उभर रही है। पार्टी सांसदों का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याएं ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को घेरा जाएगा।

गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीतकर बीजेपी को बड़ा झटका दिया था। इस प्रदर्शन से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व में नया उत्साह देखने को मिला है। अब जबकि विधानसभा चुनाव में लगभग एक साल का समय बचा है, अखिलेश यादव किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चाहते। यही वजह है कि वह खुद सांसदों से फीडबैक लेकर संगठन को और मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। बैठक में संगठनात्मक कमजोरियों, बूथ स्तर की तैयारी और कार्यकर्ताओं की सक्रियता जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने सांसदों से स्पष्ट कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति की ईमानदार रिपोर्ट दें। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि किन सीटों पर पार्टी मजबूत है और किन सीटों पर अभी और मेहनत की जरूरत है। इसके साथ ही संभावित विधानसभा प्रत्याशियों को लेकर भी सांसदों से राय ली जा रही है, ताकि समय रहते मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जा सके।

बैठक में प्रदेश में हाल ही में घटी घटनाओं को लेकर भी रणनीति बनाने की बात सामने आ रही है। खासकर प्रयागराज में धरने पर बैठे संतों का मुद्दा और वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ को लेकर बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी की जा रही है। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों के जरिए सरकार की नीतियों और प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाए जा सकते हैं, जिससे जनता के बीच सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सके।

इसके अलावा, आगामी बजट सत्र में सरकार को घेरने के लिए भी सांसदों को दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। सपा नेतृत्व चाहता है कि विधानसभा और संसद दोनों स्तरों पर सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरा जाए, ताकि जनता के बीच यह संदेश जाए कि समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ विपक्ष की भूमिका निभा रही है।

कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की यह बैठक मिशन 2027 की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व स्पष्ट संकेत दे चुका है कि इस बार वह पूरी तैयारी और ठोस रणनीति के साथ विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी। आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश की सियासत और अधिक गर्मा सकती है।

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