गणतंत्र दिवस से पहले CM योगी का पत्र, सांस्कृतिक विरासत पर जोर !

सीएम योगी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश की आद्य सुरक्षा की रीढ़ बनकर उभरा है. ‘बीन से बाजार तक’ की व्यवस्था और रिकॉर्ड डीबीटी भुगतान से अन्नदाताओं की आय में वृद्धि हुई है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश की जनता के नाम एक भावनात्मक और दूरदर्शी पत्र लिखकर बीते वर्षों में राज्य में हुए व्यापक बदलावों, विकास की नई दिशा और भविष्य के संकल्पों को साझा किया। ‘योगी की पाती’ शीर्षक से लिखे गए इस पत्र में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकालकर देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने की यात्रा का विस्तार से उल्लेख किया है।

गणतंत्र दिवस से पहले CM योगी का पत्र, सांस्कृतिक विरासत पर जोर !
गणतंत्र दिवस से पहले CM योगी का पत्र, सांस्कृतिक विरासत पर जोर !

पत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा कि असीम संभावनाओं से भरा हमारा प्रदेश लंबे समय तक संघर्ष, अव्यवस्था और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों में जकड़ा रहा, लेकिन आज वह स्थिति बदल चुकी है। दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्पष्ट नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश ने न केवल अपनी पहचान बदली है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कानून व्यवस्था में हुए ऐतिहासिक सुधारों को इस बदलाव की बुनियाद बताया। उन्होंने लिखा कि सत्ता के संरक्षण में पनप रहे माफिया और अपराध के भय का साम्राज्य समाप्त कर कानून एवं सुशासन का राज स्थापित किया गया है। इसके चलते आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई और विकास कार्यों को निर्बाध गति मिली। उन्होंने कहा कि कभी लचर कानून व्यवस्था के कारण प्रदेश से दूरी बनाने वाले निवेशक आज उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बनकर उभरा है। ‘बीज से बाजार तक’ की समग्र व्यवस्था, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार और रिकॉर्ड स्तर पर हुए डीबीटी भुगतान ने किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के अन्नदाता अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं और कृषि को लाभकारी व्यवसाय का रूप दिया जा रहा है।

गणतंत्र दिवस से पहले CM योगी का पत्र, सांस्कृतिक विरासत पर जोर !
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उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों को भी मुख्यमंत्री ने प्रमुखता से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। लेबर रिफॉर्म, डी-रेगुलेशन, एमएसएमई नीति, कौशल विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप इकोसिस्टम और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं ने उत्तर प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की दिशा में आगे बढ़ाया है। इन प्रयासों से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं और पलायन की पीड़ा धीरे-धीरे समाप्ति की ओर है।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने पत्र में बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, स्मार्ट सिटी और लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने लिखा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने न केवल निवेश को आकर्षित किया है, बल्कि आम जनता के जीवन को भी आसान बनाया है।

पत्र के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने भविष्य के संकल्पों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का संकल्प दोहराया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह पत्र न केवल बीते वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट भी है, जो प्रदेशवासियों को विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान करता है।

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