राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक, अध्यक्ष बबीता सिंह ने दिए निर्देश !

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा दिनांक 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोग के सभागार कक्ष में ‘’समाज कल्याण विभाग की विभिन्न..

बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के भवन में आयोग की मासिक समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने की। बैठक में महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव के साथ-साथ आयोग के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी विशेष रूप से बैठक में आमंत्रित किया गया था, ताकि विभागीय योजनाओं और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।

राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक, अध्यक्ष बबीता सिंह ने दिए निर्देश !
राज्य महिला आयोग की मासिक समीक्षा बैठक, अध्यक्ष बबीता सिंह ने दिए निर्देश !

बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने बीते माह महिला आयोग द्वारा किए गए कार्यों, गतिविधियों और प्राप्त शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया। उन्होंने आयोग के सदस्यों से जमीनी स्तर पर महिलाओं की समस्याओं, शिकायतों के निस्तारण और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिला आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ उन तक पहुंचाना है।

बैठक में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। आयोग को प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर विशेष मंथन किया गया कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से महिलाओं को किस तरह अधिक से अधिक जोड़ा जा सकता है। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की और बताया कि किस प्रकार इन योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है। महिला आयोग ने सुझाव दिया कि जागरूकता अभियानों को और मजबूत किया जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाएं योजनाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ महिलाओं को किस प्रकार अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकता है। विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया। आयोग का मानना है कि यदि महिलाओं को इन योजनाओं की सही जानकारी समय पर मिल जाए, तो वे स्वयं और अपने परिवार के लिए बेहतर निर्णय ले सकती हैं।

अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिला आयोग प्रदेश की महिलाओं को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, शिविर और कार्यशालाओं के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से भी अपेक्षा की गई कि वे महिला आयोग के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें।

उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बैठक में कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं से जोड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग मिलकर यदि जमीनी स्तर पर काम करें, तो प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

बैठक के अंत में आगे की रणनीति तय की गई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही, शिकायत निवारण प्रणाली को और सशक्त बनाने, जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाने और महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, यह मासिक समीक्षा बैठक महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई। आयोग का उद्देश्य है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला तक न्याय, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।

रिपोर्ट
अनिल कुमार सैनी
9935090081

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