UP बजट की सौगात: महिला उद्यम और छात्राओं को राहत !

यूपी में महिला एवं बाल विकास के बजट के लिए 18,620 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जिसमें पेंशन, पोषण योजनाओं को मजबूती, महिलाओं को सस्ते लोन और आवास सुविधा का प्रावधान है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट वर्ष 2026-27 में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में 11 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और वित्तीय भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

UP बजट की सौगात: महिला उद्यम और छात्राओं को राहत !
UP बजट की सौगात: महिला उद्यम और छात्राओं को राहत !

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं हेतु लगभग 18,620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इस निवेश से प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।

महिलाओं को सस्ते लोन का ऐलान

महिलाओं को सस्ते लोन का ऐलान
महिलाओं को सस्ते लोन का ऐलान

बजट में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया गया है। इसका उद्देश्य महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार का फोकस ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके साथ ही सफाई एवं निर्माण कार्यों से जुड़े महिला और पुरुष कर्मियों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया गया है, जिससे श्रमिक वर्ग को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

निराश्रित महिलाओं को आर्थिक संबल

योगी सरकार ने निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2016-17 में जहां इस योजना से 17.32 लाख महिलाएं जुड़ी थीं, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 38.58 लाख से अधिक हो चुकी है। सरकार का दावा है कि यह योजना लाखों महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता लेकर आई है।

बालिकाओं के भविष्य पर भी फोकस

बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करती है और बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल मानी जाती है।

कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास

बजट में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए महिला छात्रावासों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन छात्रावासों से खासतौर पर नौकरीपेशा और प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।

सरकार का विजन

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास का अहम स्तंभ मानती है। सरकार की मंशा है कि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हों, सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़े।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में महिलाओं और बालिकाओं के लिए किए गए प्रावधान यह संकेत देते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव से प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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