अखिलेश यादव का बड़ा बयान, SIR को बताया BJP का हथकंडा !

समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि फॉर्म 7 के जरिए सुनियोजित तरीके से वोट कटवाए जा रहे हैं. उन्होंने बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया को लेकर तीखी बयानबाज़ी तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के नाम पर फॉर्म-7 के जरिए योजनाबद्ध तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाए जा रहे हैं, ताकि विपक्ष को चुनाव में नुकसान पहुंचाया जा सके।

अखिलेश यादव का बड़ा बयान, SIR को बताया BJP का हथकंडा !
अखिलेश यादव का बड़ा बयान, SIR को बताया BJP का हथकंडा !

अखिलेश यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने उन्हें और उनकी पार्टी को “बहुत काम दे दिया है”, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि फॉर्म-7 के जरिए वोट काटने की कोशिश हो रही है। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में चलाई जा रही है।

सकलडीहा और बाबागंज के मामलों का हवाला

सकलडीहा और बाबागंज के मामलों का हवाला
सकलडीहा और बाबागंज के मामलों का हवाला

सपा प्रमुख ने कई विधानसभा क्षेत्रों के उदाहरण देते हुए अपने आरोपों को मजबूत करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि सकलडीहा विधानसभा में फॉर्म-7 के 16 आवेदन जमा किए गए, जबकि बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 100 वोट कटवा दिए गए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस प्रक्रिया में उनके एक बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी वोट काट दिया गया, जो यह दर्शाता है कि मामला सिर्फ आम मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जानबूझकर विपक्ष से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

‘BJP की सीक्रेट बैठक में हुआ फैसला’

अखिलेश यादव का दावा है कि BJP की एक “गुप्त बैठक” में यह रणनीति बनाई गई कि हर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए वोट कटवाए जाएंगे। उन्होंने कन्नौज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के एक नेता के बयान को उन्होंने तंज के तौर पर पेश किया, जिसमें कहा गया था कि “ज्यादा पढ़ा-लिखा कभी-कभी गलती कर देता है।” अखिलेश के मुताबिक यह गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर किया जा रहा खेल है।

नेताओं और उनके परिवारों के नाम कटने का आरोप

सपा चीफ ने कहा कि यह अभियान इतना व्यापक है कि अब पार्टी नेताओं और उनके परिवारों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि औरैया के नगर अध्यक्ष का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया। इसके अलावा बलिया के सिकंदरपुर से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी हटाने का मामला सामने आया है। अखिलेश यादव ने कहा, “हमारे ही वोटर से नगर अध्यक्ष का काम कटवा दिया गया,” जो साफ तौर पर विपक्ष को उलझाने की रणनीति है।

अयोध्या में फॉर्म-7 के आंकड़े

अखिलेश यादव ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही बूथ पर 181 नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 76 प्रतिशत पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज से जुड़े लोगों को भेजे गए। उनका दावा है कि इनमें से 46 प्रतिशत नोटिस यादव और मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं को मिले।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में सपा ने केवल 47 फॉर्म-7 भरे, जबकि BJP की ओर से करीब एक हजार आवेदन दिए गए। इसके अलावा, एक लाख से ज्यादा फॉर्म “अज्ञात लोगों” द्वारा भरे गए, जिन्हें अखिलेश यादव ने BJP से जुड़ा हुआ बताया।

‘हार के डर से BJP की साजिश’

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP को आगामी चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वह वोट कटवाने जैसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री बिष्ट जी बहुत कुछ बताते रहे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।”

इटावा में मारपीट का आरोप

अखिलेश यादव ने इटावा का जिक्र करते हुए कहा कि वोट कटने की शिकायत करने पर एक सपा समर्थक प्रधान के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि जो भी मतदाता अपने नाम बचाने की कोशिश कर रहा है, उस पर दबाव बनाया जा रहा है।

अंत में अखिलेश यादव ने तीखे शब्दों में कहा, “गद्दी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं।” उनका कहना है कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि आंकड़े साफ दिखाते हैं कि पीडीए समाज के वोटों पर सुनियोजित तरीके से “डकैती” डाली जा रही है।

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