‘न कर्फ्यू, न दंगा’—सीएम योगी ने विपक्ष को दिखाया यूपी का बदला चेहरा !

66ab640757fe7 cm yogi 013134277 16x9 1
77 / 100 SEO Score

यूपी विधानपरिषद को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। सीएम योगी ने कहा है कि सपा के राज में उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़ बन गया था।


उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सोमवार को विधानपरिषद के सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए न सिर्फ कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि विपक्ष के आचरण को भी लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। सीएम योगी के भाषण के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

‘न कर्फ्यू, न दंगा’—सीएम योगी ने विपक्ष को दिखाया यूपी का बदला चेहरा !
‘न कर्फ्यू, न दंगा’—सीएम योगी ने विपक्ष को दिखाया यूपी का बदला चेहरा !

राज्यपाल के अपमान का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने महिला राज्यपाल का अपमान किया है। सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का संवैधानिक दस्तावेज होता है। इसके बावजूद मुख्य प्रतिपक्ष का व्यवहार “अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण” रहा।

उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान करना लोकतंत्र की बुनियाद है, लेकिन जिस तरह का आचरण विपक्ष ने दिखाया है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है और अवमानना की श्रेणी में आता है।

‘लोकतंत्र को कमजोर करता है ऐसा व्यवहार’

सीएम योगी ने आगे कहा कि राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख होती हैं और उनके प्रति अपमानजनक रवैया लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्य प्रतिपक्ष से संवैधानिक मर्यादाओं की उम्मीद करना “भूल” साबित हो रही है। उनके इस बयान के बाद सदन में सियासी तापमान और बढ़ गया।

कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा

कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़ बन चुका था। गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे और “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” की स्थिति बन गई थी।

सीएम योगी ने कहा, “हमारी सरकार ने प्रदेश में रूल ऑफ लॉ स्थापित किया। आज यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है। यूपी में सब चंगा है।” उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब अराजकता नहीं, बल्कि शांति और विकास के लिए जाना जाता है।

रामभक्तों और धार्मिक मुद्दों पर हमला

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने सपा पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और कांवड़ यात्राओं पर रोक लगाई थी। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राम मंदिर और काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का विरोध किया और राम-कृष्ण को अदालत में मिथक बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् और राष्ट्रगीत का अपमान संविधान की अवहेलना है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विकास और अर्थव्यवस्था का जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में यूपी सरप्लस स्टेट बना है और खाद्यान्न उत्पादन में देश में नंबर वन है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान अब दंगों से नहीं, बल्कि रंगोत्सव, दीपोत्सव और बड़े आयोजनों से होती है। अन्नदाता अब केवल वोटबैंक नहीं, बल्कि उद्यमी बन रहा है और सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

राजनीतिक संदेश

सीएम योगी का यह भाषण न सिर्फ विपक्ष पर सीधा हमला था, बल्कि आगामी राजनीतिक माहौल के लिए एक स्पष्ट संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक पहचान को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।

सदन में दिए गए इस आक्रामक भाषण के बाद यह साफ है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले समय में और तेज होने वाला है।

Also Read :

‘हर घर नल’ की गुणवत्ता पर सवाल, महोबा मामला उजागर !