‘हर घर नल’ की गुणवत्ता पर सवाल, महोबा मामला उजागर !

 महोबा में नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी जैसे ही पूरी भरी गई, वैसे ही उसकी दीवारों से पानी बहने लगा. जो भ्रष्टाचार का प्रमाण है, जिसकी गूंज अब शासन तक पहुंच रही है.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल’ योजना और जल जीवन मिशन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री से की गई शिकायत के बाद अब जमीनी हकीकत सामने आ गई है, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। जैतपुर विकासखंड के नगारा डांग गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी पूरी तरह भरते ही फटने की कगार पर पहुंच गई और उसकी दीवारों से पानी बहने लगा।

‘हर घर नल’ की गुणवत्ता पर सवाल, महोबा मामला उजागर !
‘हर घर नल’ की गुणवत्ता पर सवाल, महोबा मामला उजागर !

इस घटना के बाद टंकी से रिसते पानी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते 2025 में बनी यह टंकी महज कुछ ही समय में जर्जर हालत में पहुंच गई। गांव वालों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी खामी नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का मामला है।

विधायक की शिकायत के बाद सामने आई हकीकत

बीते दिनों चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का रास्ता रोककर जल जीवन मिशन में हो रही अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायत की थी। उस समय इसे महज राजनीतिक बयान माना जा रहा था, लेकिन नगारा डांग गांव की यह टंकी विधायक के आरोपों की पुष्टि करती नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर टंकी भरते ही दरारें पड़ रही हैं, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

विधायक की शिकायत के बाद सामने आई हकीकत
विधायक की शिकायत के बाद सामने आई हकीकत

ग्राम प्रधान ने की डीएम से शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव की प्रधान गायत्री ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। शिकायती पत्र में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की। न तो सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया और न ही निर्माण के दौरान किसी तरह की तकनीकी निगरानी रखी गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा। टंकी से पानी बह रहा है, लेकिन गांव के कई घरों तक पानी की सप्लाई आज भी नहीं पहुंच पा रही है।

आधा गांव आज भी प्यासा

नगारा डांग गांव के हालात बेहद चिंताजनक हैं। एक तरफ टंकी से पानी बर्बाद हो रहा है, तो दूसरी ओर गांव के आधे हिस्से में अब तक नियमित जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीण पुरन और सुशीला का कहना है कि पाइपलाइन का काम अधूरा है और कई घरों में लगे नल सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, योजना के नाम पर गांव में बड़े-बड़े बोर्ड तो लग गए, लेकिन हकीकत में लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया के जरिए उठी आवाज

गांव के लोगों ने प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। टंकी से रिसते पानी और दरारों के वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। ग्रामीण प्रकाश राजपूत का कहना है कि अगर समय रहते इस टंकी की मरम्मत और जांच नहीं की गई, तो यह पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी दावों पर उठे सवाल

जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित और नियमित पेयजल पहुंचाना है, लेकिन महोबा का यह मामला सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई को उजागर करता है। करोड़ों की लागत से बनी टंकी का कुछ ही समय में इस हालत में पहुंच जाना सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और जलशक्ति विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और ‘हर घर नल’ योजना वास्तव में उनके जीवन में पानी की तरह राहत लेकर आएगी, न कि रिसती टंकियों और टूटते वादों की कहानी बनकर रह जाएगी।

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