UP की राजनीति में ट्विस्ट,कांग्रेस ने फेंकी सियासी गुगली !

कांग्रेस नेता ने सीएम योगी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपमें हिम्मत है, तो आने वाले समय में अपनी पीठ का पीठाधीश्वर किसी दलित, पिछड़ा, आदिवासी या ब्राह्मण को घोषित करिए.

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। लल्लू ने “हिंदू एकता” और “बटेंगे तो कटेंगे” जैसे नारों को लेकर सीएम योगी को खुली चुनौती देते हुए गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर पद को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका बयान यूपी की राजनीति में एक नया सियासी विवाद खड़ा करता नजर आ रहा है।

UP की राजनीति में ट्विस्ट,कांग्रेस ने फेंकी सियासी गुगली !
UP की राजनीति में ट्विस्ट,कांग्रेस ने फेंकी सियासी गुगली !

अजय कुमार लल्लू ने यह बयान कुशीनगर जिले के पडरौना में आयोजित कांग्रेस की जनाक्रोश सभा को संबोधित करते हुए दिया। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह मानते हैं कि सारे हिंदू एक हैं और जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, तो उन्हें इस सोच को व्यवहार में भी उतारना चाहिए। लल्लू ने कहा कि अगर वाकई सभी हिंदू एक हैं, तो फिर किसी दलित, पिछड़ा, ब्राह्मण या आदिवासी को गोरखनाथ मठ का पीठाधीश्वर क्यों नहीं बनाया जाता।

कांग्रेस नेता ने सीएम योगी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ दलितों के घर भोजन करने जाते हैं और सार्वजनिक मंचों से कहते हैं कि सभी हिंदू एक हैं। “हम भी मानते हैं कि सारे हिंदू एक हैं,” लल्लू ने कहा, “लेकिन सवाल यह है कि क्या यह बात सिर्फ भाषणों तक सीमित है या व्यवहार में भी दिखेगी?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और योगी सरकार धर्म की राजनीति के जरिए युवाओं को भटका रही है और समाज को बांटने का काम कर रही है।

अजय कुमार लल्लू ने गोरखनाथ पीठ की परंपरा पर सवाल उठाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को अवैद्यनाथ जी ने पीठाधीश्वर बनाया था, क्योंकि वे उनके पारिवारिक संबंधों में आते थे। उन्होंने इसे वंशवाद करार देते हुए पूछा कि अगर किसी रिश्तेदारी के आधार पर पीठ सौंपी जा सकती है, तो फिर किसी दलित, पिछड़े या ब्राह्मण को यह जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा सकती। लल्लू ने कहा कि भाजपा दूसरों पर वंशवाद का आरोप लगाती है, लेकिन खुद धार्मिक संस्थानों में वही परंपरा निभा रही है।

कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि गोरखनाथ पीठ के पास 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। उन्होंने सीएम योगी से सवाल किया कि अगर वे खुद को सभी हिंदुओं का नेता मानते हैं और “हिंदू हृदय सम्राट” कहलाना चाहते हैं, तो उन्हें आने वाले समय में अपनी पीठ का पीठाधीश्वर किसी दलित, पिछड़ा, आदिवासी या ब्राह्मण को घोषित करना चाहिए। “अगर आप ऐसा कर देते हैं, तो मैं मान लूंगा कि आप सच में सभी हिंदुओं को एक मानते हैं,” लल्लू ने कहा।

अजय कुमार लल्लू ने भाजपा पर समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार लगातार यह प्रचार करती है कि मुसलमानों से खतरा है, जबकि असली मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं—से ध्यान भटकाया जा रहा है। लल्लू ने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है।

अपने भाषण में अजय कुमार लल्लू ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते से भारत के किसानों की बर्बादी पर मुहर लगा दी गई है। उनका आरोप था कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर ऐसे फैसले किए हैं, जिनका सीधा नुकसान देश के अन्नदाताओं को होगा।

कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर तीखी सियासी बहस देखने को मिल सकती है। 2027 के चुनाव से पहले इस तरह के मुद्दों का उठना यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म, जाति और सत्ता को लेकर टकराव और तेज होने वाला है।

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