क्रिकेट के बाद अब नई पारी! कपिल देव को योगी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी !

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को अहम जिम्मेदारी दी है. ग्रेटर नोएडा आए सीएम ने एक बड़ा ऐलान किया.

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में एक नए स्वास्थ्य संस्थान के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव को एक अहम जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की। यह कार्यक्रम KDSG अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर आयोजित किया गया था, जहां मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों पर विस्तार से बात की।

क्रिकेट के बाद अब नई पारी! कपिल देव को योगी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी !
क्रिकेट के बाद अब नई पारी! कपिल देव को योगी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी !

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कपिल देव ने क्रिकेट के क्षेत्र में देश और दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है और अब वह सेवा के क्षेत्र में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि कपिल देव जैसे प्रतिष्ठित और प्रेरणादायक व्यक्तित्व का सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ना समाज के लिए बेहद सकारात्मक कदम है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि कपिल देव अब सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में भी उसी समर्पण के साथ काम करेंगे, जैसा उन्होंने खेल के मैदान पर किया था।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की चिंता होती है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज की सुविधा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड नहीं बन पाया है, तब भी मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से उसकी आर्थिक मदद की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री राहत कोष से लगभग 1300 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज के लिए उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा बेसिक शिक्षा परिषद में कार्यरत रसोइयों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में केवल 17 मेडिकल कॉलेज ही संचालित हो रहे थे। लेकिन सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य के 75 जिलों में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को लगभग पूरा कर लिया गया है और वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इससे प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने के साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा भी मिल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक पूरे देश में केवल छह एम्स संस्थान ही कार्यरत थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए और आज देश में 23 एम्स संस्थान विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कार्य कर रहे हैं। इससे देशभर के मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मिल रहा है।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज डॉक्टर के पास आता है तो वह विश्वास और उम्मीद के साथ आता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार ही मरीज की आधी बीमारी दूर कर देता है। इसके बाद दवा और दुआ दोनों मिलकर मरीज को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक पांच करोड़ साठ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। पात्रता सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इसी दिशा में लगातार नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य योजनाएं शुरू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

Also Read :

2027 के रण की तैयारी, योगी और RSS की अहम बैठकों का दौर !