बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की संपत्ति पर IT की नजर, बैंक खातों की जांच शुरू !

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रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह आयकर विभाग ने शिकंजा कसा है, आयकर विभाग ने विधायक की कंपनियों व करीबियों के बैंक खातों की जांच की तैयारी शुरू कर दी है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आयकर विभाग ने उनके खिलाफ जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब विभाग ने विधायक की कंपनियों और उनके करीबियों के बैंक खातों की विस्तृत जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए आयकर विभाग ने कई बैंकों से संबंधित खातों की पूरी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही छापेमारी के दौरान मिले जमीन के पट्टों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की संपत्ति पर IT की नजर, बैंक खातों की जांच शुरू !
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की संपत्ति पर IT की नजर, बैंक खातों की जांच शुरू !

दरअसल, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर आरोप है कि उनकी कंपनियों ने बेनामी पट्टों के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब पिछले वर्ष नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। रिपोर्ट में बताया गया था कि उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों ने अवैध खनन के जरिए सरकार को करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया है। इसी आधार पर आयकर विभाग ने जांच शुरू की और कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की।

आयकर विभाग ने इस मामले में पिछले दिनों लखनऊ, बलिया, सोनभद्र और प्रयागराज समेत कई शहरों में उमाशंकर सिंह से जुड़े करीब 30 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई लगातार तीन दिनों तक चली। छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान करीब 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और जमीन के पट्टे भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

जांच के दौरान आयकर विभाग को कई ऐसे बेनामी पट्टों की जानकारी भी मिली है, जिनका इस्तेमाल अवैध खनन के लिए किया गया था। इन पट्टों के माध्यम से खनन का काम अलग-अलग लोगों के नाम पर कराया जा रहा था, जबकि असल फायदा कथित तौर पर विधायक से जुड़ी कंपनियों को मिल रहा था। विभाग अब इन सभी पट्टों की वैधता और इनके जरिए हुए खनन की पड़ताल कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में लखनऊ के सदर बाजार निवासी मोहम्मद इश्तिया नाम के एक खनन कारोबारी का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह बसपा विधायक का करीबी है और उसी के जरिए बेनामी पट्टों के माध्यम से अवैध खनन का काम कराया जा रहा था। आयकर विभाग अब इस कारोबारी की भूमिका की भी जांच कर रहा है और उससे जुड़े लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

आयकर विभाग की जांच में अब तक यह भी सामने आया है कि उमाशंकर सिंह और उनसे जुड़ी कंपनियों के 100 से अधिक बैंक खाते अलग-अलग बैंकों में संचालित हो रहे थे। इन खातों के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन होने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने इन सभी खातों की जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन खातों में कितनी रकम जमा और निकाली गई तथा इन पैसों का स्रोत क्या है।

बताया जा रहा है कि ये बैंक खाते सोनभद्र, बलिया, लखनऊ, दिल्ली और प्रयागराज स्थित विभिन्न बैंकों की शाखाओं में संचालित हो रहे हैं। आयकर विभाग अब इन खातों के ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच करेगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं इन खातों का इस्तेमाल अवैध खनन से अर्जित धन को ठिकाने लगाने के लिए तो नहीं किया गया।

गौरतलब है कि उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के विधायक हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं। उनकी उम्र करीब 55 वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल आयकर विभाग की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

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