गृहमंत्री अमित शाह ने एनडीए शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड लागू करने के बायन से राजनीतिक बहस छेड़ दी है. ऐसे में अब यूपी की राजनीति में भी घमासान मच गया है अब यूपी में 2027 से पहले यूसीसी लागू करने पर चर्चा तेज होने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विजय उपाध्याय ने बड़ी बात कह दी है।
इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर यूपी में यूसीसी आया तो बीजेपी से ज्यादा इसका फायदा समाजवादी पार्टी को होगा इस पर बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक सपा की बात है वह इसके समर्थन में नहीं होगी वह कहेंगे कि इसको टाला जाना चाहिए।
सपा के लोग यह भी कहेंगे कि इसको लागू नहीं होना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग लोगों के अपने-अपने रीति-रिवाज हैं उसमें कोई समानता नहीं लाई जानी चाहिए. भारत विविधता का देश है. इस तरह की बातें समाजवादी पार्टी के लोगों द्वारा की जाती रही हैं।
समाजवादी पार्टी को यूसीसी से नहीं होगी दिक्कत- एक्सपर्ट।
एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि इससे समाजवादी पार्टी को कोई दिक्कत नहीं होने वाली है अगर यूपी सरकार 2027 के पहले यूसीसी लागू कर देगी तब भी सपा को इससे दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि सपा का वोट बैंक बिल्कुल अलग है. क्योंकि बीजेपी के जो खिलाफ वाले लोग हैं वो समाजवादी पार्टी के साथ रहेंगे तो समाजवादी पार्टी को इससे कोई बड़ी दिक्कत नहीं होने वाली है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, देश की बहुत बड़ी आबादी चाहती है कि देश में सामान नागरिक संहिता लागू हो सभी नागरिकों को सामान अधिकार मिले. यह बहस काफी लंबी है और आजादी के बाद से ही जारी है संविधान निर्माण के समय भी इस पर भीमराव अंबेडकर समेत कई लोगों ने इसके पक्ष में काफी जोरदार तर्क दिए थे और अनुच्छेद 44 में कहा भी गया है कि सामान नागरिक संहिता लागू करने की कोशिश होगी. इस पर एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि यह कोशिश ठीक है बहुत सारे लोग इसको पॉजिटिव तरीके से लेते हैं।