कोलकाता ऐसोसिएशन के सचिव समाजसेवी विश्वनाथ अग्रवार पर फेंके गए अंडे…!!

पश्चिम बंगाल..
कोलकाता के पोस्ता मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव, महान समाजसेवी और महानगर की अनेक संस्थाओं से जुड़े वयोवृद्ध पदाधिकारी विश्वनाथ अग्रवाल को घेरकर भाजपा के गुंडों द्वारा अंडे मारे गए, थप्पड़ों से पीटा गया। अगर यही “लोकतंत्र” और “व्यवस्था” का नया मॉडल है, तो फिर कानून-व्यवस्था का ढोल पीटना बंद कर देना चाहिए। पश्चिम बंगाल किस दिशा में जा रहा है, यह घटना खुद चीख-चीखकर बता रही है। हालात ऐसे हो गए कि पोस्ता मार्केट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करना पड़ा। आखिर बंगाल आने वाले उद्योगपति और निवेशक इस माहौल को किस नज़र से देखेंगे|

विडंबना देखिए, जिस मारवाड़ी समाज ने तन-मन-धन से भाजपा का साथ दिया, आज वही समाज बंगाल में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। सत्ता की राजनीति में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत सामने आते ही सारी बातें हवा हो जाती हैं। शायद कुछ लोगों को अब समझ में आए कि बंगाल को टीवी स्टूडियो की बहसों से नहीं, उसकी ज़मीनी हकीकत से समझना पड़ता है।

बंगाल की जनता सड़क पर उतरने में देर नहीं लगाती और जब व्यापारी समाज एकजुट होकर खड़ा हो जाता है, तब सत्ता के दावे भी लड़खड़ाने लगते हैं। आज पूरा व्यवसायी समाज विश्वनाथ अग्रवाल जी के साथ खड़ा है। सवाल सिर्फ एक व्यक्ति पर हुए हमले का नहीं, बल्कि उस माहौल का है जहाँ असहमति और हिंसा एक साथ दिखाई देने लगें। लोकतंत्र में जवाब बहस से दिया जाता है, थप्पड़ों और गुंडागर्दी से नहीं।