ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य ने राम मंदिर ट्रस्ट के फैसले पर उठाए सवाल, कहा- मंदिर का संचालन परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए।
अयोध्या: राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट मंदिर प्रबंधन के नाम पर लोगों को “मूर्ख” बना रहा है और सनातन परंपराओं के विपरीत निर्णय लिए जा रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा कि किसी भी मंदिर का संचालन धार्मिक परंपराओं और शास्त्रीय व्यवस्थाओं के अनुसार होना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर में CEO जैसी व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है और इससे धार्मिक संस्थाओं की पारंपरिक संरचना प्रभावित होती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट अपने फैसलों को सही ठहराने के लिए जनता को भ्रमित कर रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े हर निर्णय में धार्मिक मर्यादाओं का पालन होना चाहिए।
हालांकि, इस मुद्दे पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।