CJP ने कहा- बातचीत के लिए सरकार आगे आए, प्रदर्शन स्थल पर ही हो वार्ता; मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP (Civil Joint Platform) ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर अपनी शर्त स्पष्ट कर दी है। संगठन की ओर से कहा गया कि वे भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के कार्यालय नहीं जाएंगे, बल्कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो जेपी नड्डा या उनके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से संवाद करें।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। ऐसे में सरकार को आगे बढ़कर उनकी बात सुननी चाहिए। CJP नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों पर अडिग हैं और जब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा।
CJP ने आरोप लगाया कि अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया है। संगठन का कहना है कि बातचीत तभी सार्थक होगी जब सरकार सीधे प्रदर्शन स्थल पर आकर उनकी समस्याएं सुने और समाधान की दिशा में ठोस पहल करे।
उधर, राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार CJP की इस शर्त को स्वीकार करते हुए जंतर-मंतर पर बातचीत के लिए प्रतिनिधि भेजती है या फिर वार्ता किसी अन्य माध्यम से आगे बढ़ती है।
फिलहाल प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।