“मनरेगा मजदूरों को जल्द मिलेगा मेहनत का मेहनताना !”

मनरेगा मजदूरों के लिए केंद्र से उत्तर प्रदेश को रू 2300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुयी…

उत्तर प्रदेश के मनरेगा मजदूरों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 2300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत की सबसे महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजनाओं में से एक है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार की गारंटी प्रदान करती है। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के मनरेगा मजदूरों के लिए 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि अवमुक्त की है। यह धनराशि बकाया भुगतानों को पूरा करने और समय पर मजदूरी सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों की बकाया धनराशि उनके खातों में तत्काल भेजने की कार्यवाही की जाय।

"मनरेगा मजदूरों को जल्द मिलेगा मेहनत का मेहनताना !"
“मनरेगा मजदूरों को जल्द मिलेगा मेहनत का मेहनताना !”

केंद्र सरकार से मनरेगा श्रमिकों के भुगतान हेतु करीब 2343.80 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। इससे बकायेदारी भी दूर होगी। केंद्र सरकार से यूपी मनरेगा के लिये श्रमांश मद हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली किस्त के रूप में कुल 2343.80 करोड़ रुपए केंद्र से जारी किये गये हैं।

आयुक्त, ग्राम्य विकास उ०प्र० जी०एस प्रियदर्शी ने बताया कि मनरेगा योजना के लिए मांग के क्रम में केंद्र सरकार द्वारा श्रमांश मद हेतु करीब 2343.80 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस धनराशि से मनरेगा श्रमिकों के बकाये का भी भुगतान किया जाएगा ।

MANREGA योजना क्या है ?

MANREGA योजना क्या है ?
MANREGA योजना क्या है ?
  • MGNREGA ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2005 में शुरू किये गए विश्व के सबसे बड़े रोज़गार गारंटी कार्यक्रमों में से एक है।
  • यह योजना न्यूनतम वेतन पर सार्वजनिक कार्यों से संबंधित अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक किसी भी ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक सौ दिनों के रोज़गार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है।
  • सक्रिय कर्मचारी: 14.32 करोड़ (सत्र 2023-24)
  • उद्देश्य:
    • यह अधिनियम ग्रामीण लोगों की क्रय शक्ति में सुधार लाने के उद्देश्य से पेश किया गया था, इसका उद्देश्य मुख्य रूप से ग्रामीण भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को अर्ध या अकुशल कार्य प्रदान करना है।
    • यह देश में अमीर और गरीब के बीच के अंतर को कम करने का प्रयास करता है।

मनरेगा के तहत काम:

  • ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के निर्माण के काम, जैसे कि सड़कें, नहरें, तालाब, कुएं, जल संचयन, सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण.
  • सामाजिक वानिकी, वनरोपण, और भूमि विकास जैसे पर्यावरण संरक्षण कार्य.
  • कृषि-आधारित कार्य, जैसे कि सिंचाई और फसल उत्पादन में सुधार. 

मनरेगा का लाभ:

  • ग्रामीण परिवारों को नियमित आय प्राप्त होती है, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होता है. 
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होता है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार होता है. 
  • सामाजिक वानिकी और पर्यावरण संरक्षण से पर्यावरण में सुधार होता है. 
  • महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है. 

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