सीजफायर पर सहमति: भारत-पाक रिश्तों में नई सुबह?

आसिफ ने कहा, “यदि संघर्ष विराम से शांति का रास्ता बनता है तो यह स्वागत योग्य बात होगी.” उन्होंने यह भी कहा कि अभी निश्चितता के साथ कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. पाकिस्तान ने कहा कि वह भारत के साथ संघर्षविराम पर सहमत है, साथ ही नई दिल्ली ने भी इस पर सहमति जताई है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ा बयान दिया है। आसिफ ने कहा है कि कश्मीर, सिंधु जल संधि और आतंकवाद प्रमुख मुद्दे हैं जिनपर भविष्य में पड़ोसी देश से होने वाली किसी भी वार्ता में चर्चा की जा सकती है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर के बाद आसिफ ने इस तरह का बयान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी निश्चितता के साथ कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पाकिस्तान भारत के साथ सीजफायर पर सहमत है लेकिन नई दिल्ली ने इसे एक सहमति बताया है। 

सीजफायर पर सहमति: भारत-पाक रिश्तों में नई सुबह?

भारत के साथ सीजफायर होने के बाद पाकिस्तान ने दोनों देश के बीच कुछ जटिल मुद्दों पर बात करने की इच्छा जाहिर की है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि कश्मीर, सिंधु जल संधि और आतंकवाद भारत के साथ प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं और पड़ोसी देश के साथ भविष्य में होने वाली किसी भी बातचीत में इन पर चर्चा की जा सकती है.

आसिफ ने यह बयान उन सवालों के जवाब में दिया कि अगर संघर्षविराम के बाद आगे रिश्ते सामान्य होते हैं तो दोनों देशों के बीच बातचीत में किन लंबित मुद्दों पर बात हो सकती है. मालूम हो कि दोनों देशों के बीच चार दिनों तक चले युद्ध के बाद शनिवार को संघर्षविराम पर सहमति सैन्य ऑपरेशन के महानिदेशकों की वार्ता के बाद बनी है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के ताबड़तोड़ हवाई हमलों में कई वायुसेना ठिकाने ध्वस्त होने के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत में अपने समकक्ष को फोन कर युद्ध रोकने की गुहार लगाई थी.हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी बहुत कुछ उम्मीद लगाना जल्दबाजी होगी.पाकिस्तान जहां दावा कर रहा है कि वो भारत के साथ संघर्षविराम पर सहमत हुआ है, वहीं भारत ने कहा कि हम सहमति के एक बिंदु पर पहुंचे हैं. पाक रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि वक्त बीतने के साथ अमन चैन बढ़ेगा.

आसिफ ने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत, खासकर उसका नेतृत्व दक्षिण एशिया क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता देगा. एक साथ शांतिपूर्ण तरीके से रहनी शर्त दक्षिण एशिया की तरक्की से जुड़ी है. आसिफ ने खाड़ी देशों, चीन, अजरबैजान और तुर्किये के कूटनीतिक सहयोग की सराहना की.

क्यों शुरू हुआ था तनाव?

क्यों शुरू हुआ था तनाव?
क्यों शुरू हुआ था तनाव?

पिछले हफ्ते पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था.

पड़ोसी देशों में शांति उम्मीद

आसिफ ने कहा, “समय गुजरने के साथ शांति के अवसर पैदा हो सकते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत और विशेषकर इसका नेतृत्व किसी दिन पार्टी हितों से ज्यादा क्षेत्र के भविष्य को प्राथमिकता देगा.”

आसिफ ने शांति के लिए दोनों और से समान कदमों की उम्मीद की और इसे एशिया की प्रगति की कुंजी बताया है. उन्होंने चीन, तुर्की, अजरबैजान और खाड़ी साझेदारों सहित प्रमुख सहयोगियों और मित्र देशों से मिले कूटनीतिक समर्थन की सराहना की है.

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