पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस बीच एयर मार्शल ने रामचरित मानस का दोहा पढ़कर पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी दी।
ऑपरेशन सिन्दूर शुरू होने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से तनाव चरम पन था लेकिन सीजफायर होने के बाद से दोनों देशों की सीमा पर अब शांति है। इस बीच, तीनों सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) स्तर के अधिकारियों ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेन्स की और बताया कि भारतीय सेना की कार्रवाई आतंक के खिलाफ थी, जबकि पाकिस्तानी सेना ने इसे अपने खिलाफ युद्ध मान लिया। यह उनकी भूल थी, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रेस कॉन्फ्रेन्स में ही एयर मार्शल भारती ने पाकिस्तान को रामचरितमानस का भी पाठ पढ़ाया।

सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामधारी सिंह दिनकर की कविता का उपयोग करके दिए जा रहे संदेश के बारे में पूछे जाने पर एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि मैं आपको रामचरित मानस की कुछ पंक्तियां याद दिलाऊंगा, याद कीजिए वह पंक्ति- ‘विनय न माने जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीत’। समझदार के लिए इशारा काफी है।
रामचरित मानस के यह दोहा रामायण के उस प्रसंग से संबंधित है, जहां भगवान श्रीराम लंका जाने के लिए समुद्र से रास्ता मांगते हैं। 3 दिनों तक विनती करने के बाद भी समुद्र रास्ता नहीं देता है, तब श्रीराम क्रोधित होकर कहते हैं कि बिना भय के प्रेम या सम्मान नहीं होता। यह दोहा इस बात का संदेश देता है कि जब कोई व्यक्ति विनम्रता या प्रार्थना से नहीं मानता तो शक्ति या भय का उपयोग करके उसे अपनी बात मनवानी पड़ती है।
एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि ये दूसरे तरह का वॉर था और ऐसा होना ही था। अगली जब भी लड़ाई होगी, भगवान करे लड़ाई न हो लेकिन अगर हुई तो ये पिछली की तरह नहीं होगी। हर एक लड़ाई एक अलग तरीके से लड़ी जाती है। उन्होंने पाकिस्तान को बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हम अगले मिशन के लिए तैयार हैं। अब जो लड़ाई होगी, वो पिछली जैसी नहीं होगी।