1962 के बाद बड़ा कदम! यूपी के सभी 75 जिलों में सिविल डिफेंस की वापसी

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उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी जिलों सिविल डिफेंस का गठन करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 1962 के बाद पहली बार यूपी में ऐसा फैसला हुआ है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने गुरुवार को देर रात बड़ा फैसला किया है। यूपी सरकार ने राज्य के सभी जिलों में सिविल डिफेंस के गठन की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यूपी सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सभी 75 जिलों में सिविल डिफेंस का गठन किया जाएगा।

1962 के बाद बड़ा कदम! यूपी के सभी 75 जिलों में सिविल डिफेंस की वापसी
1962 के बाद बड़ा कदम! यूपी के सभी 75 जिलों में सिविल डिफेंस की वापसी

स्थानीय स्तर पर मजबूत होगा तंत्र


बयान के मुताबिक राज्य भर में ‘सिविल डिफेंस’ की व्यवस्था लागू होने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे. ‘सिविल डिफेंस’ के तहत स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा और राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो संकटकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. राज्य सरकार ने इस दिशा में कार्ययोजना तैयार कर ली है.

भर्ती कौन करेगा?

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सिविल डिफेंस के गठन के लिए जिलाधिकारी यानी डीएम को बड़ा अधिकार सौंपा गया है। राज्य के सभी जिलों में सिविल डिफेंस के लिए पदों का सृजन डीएम के माध्यम से किया जाएगा।

1962 के बाद आया ऐसा फैसला

उत्तर प्रदेश की सरकार ने साल 1962 के बाद पहली बार प्रदेश के सभी 75 जिलों में सिविल डिफेंस का गठन करने के फैसले को मंजूरी दी है। साल 1962 में उत्तर प्रदेश के 15 नगरों में सिविल डिफेंस की स्थापना हुई थी। इसके बाद साल 2015 में प्रदेश के 9 जिलों में सिविल डिफेंस विभाग का विस्तार किया गया था। वहीं, अब राज्य के 49 जनपदों में सिविल डिफेंस स्थापना की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

क्या होता है सिविल डिफेंस का काम?

आसान भाषा में कहे तो सिविल डिफेंस का काम मुश्किल के समय में लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना होता है। सिविल डिफेंस किसी भी आपातकालीन स्थिति के समय लोगों की सुरक्षा, नुकसान को कम करने और इसके बाद स्थिति को सामान्य करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

सिविल डिफेंस के उद्देश्य

  • देश के आम लोगों के जीवन की रक्षा करना।
  • देश और नागरिकों की संपत्ति को होने वाले नुकसान को कम करना।
  • नागरिकों के मनोबल को बना के रखना। सुरक्षा और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना।
  • किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी करना और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना।

अभियान चलाकर लोगों को जोड़ा जाएगा

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में ‘सिविल डिफेंस’ की स्थापना के लिए संसाधनों और प्रशिक्षण केंद्रों की व्यवस्था की जाए. साथ ही जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा. ‘सिविल डिफेंस’ आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का मजबूत स्तंभ है. यह न केवल भूकंप, बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं बल्कि युद्ध या अन्य मानव-निर्मित संकटों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

सात मई को देश भर में नागरिक सुरक्षा को लेकर आयोजित ‘मॉकड्रिल’ में ‘सिविल डिफेंस’ ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. इस दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों को सतर्क करने, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने में तत्परता दिखाई. ‘सिविल डिफेंस’ के प्रशिक्षित कार्यकर्ता आपदा प्रबंधन, बचाव कार्य और राहत वितरण में विशेषज्ञता रखते हैं, जो संकटकाल में जीवन रक्षा के लिए आवश्यक है. इसके अलावा, यह व्यवस्था जनजागरूकता फैलाकर समाज को आपात स्थिति के लिए तैयार करती है.

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