मैनचेस्टर में पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर को एक सम्मान मिलेगा और उनके नाम पर स्टैंड का नाम रखा जाएगा।
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले से पहले एक भावुक और ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम। बीसीसीआई और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को विशेष सम्मान दिया जाएगा।
इस सम्मान समारोह का आयोजन भारतीय समयानुसार मैच शुरू होने से पहले किया जाएगा, जिसमें दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी, पूर्व खिलाड़ी और हजारों दर्शक शामिल होंगे। समारोह का मकसद उस खिलाड़ी को श्रद्धांजलि देना है, जिसने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और जिसे ‘द वॉल’ के नाम से पूरी दुनिया जानती है।

राहुल द्रविड़ को यह सम्मान उनके क्रिकेट करियर में दिए गए अद्वितीय योगदान, अनुशासन और खेल भावना के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए 164 मैच खेले, जिनमें उन्होंने 13,000 से अधिक रन बनाए। उनकी तकनीकी दक्षता, संयम और मैदान पर शालीनता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक अलग पहचान दी।
ECB की ओर से जारी बयान में कहा गया, “राहुल द्रविड़ न सिर्फ एक बेहतरीन बल्लेबाज रहे हैं, बल्कि उन्होंने क्रिकेट को एक खेल से ज्यादा एक संस्कृति की तरह अपनाया। इंग्लैंड में उनके कई यादगार प्रदर्शन रहे हैं, और ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में उन्हें सम्मानित करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
बीसीसीआई अध्यक्ष ने भी इस मौके पर कहा, “राहुल द्रविड़ आज भी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं, चाहे वह बतौर खिलाड़ी रहे हों या कोच के रूप में युवाओं को गढ़ने का कार्य कर रहे हों। यह सम्मान उनके समर्पण, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।”
राहुल द्रविड़ की इंग्लैंड के खिलाफ यादगार पारियों की बात करें तो उन्होंने 2002 और 2011 की सीरीज में कई अहम योगदान दिए थे। विशेष रूप से 2011 में द ओवल में खेली गई 146 रनों की पारी और हेडिंग्ले में 148 रनों की पारी को आज भी याद किया जाता है। वे हमेशा इंग्लैंड की तेज पिचों पर एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में उभरे।
इस सम्मान समारोह में राहुल द्रविड़ के पुराने साथी वीरेंद्र सहवाग, वीवीएस लक्ष्मण, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के भी वीडियो संदेश शामिल किए जाएंगे, जो दर्शकों को उनके सुनहरे दिनों की याद दिलाएंगे। साथ ही, इंग्लैंड की ओर से भी दिग्गज जैसे माइकल वॉन, नासिर हुसैन और एंड्रयू फ्लिंटॉफ की उपस्थिति या संदेश की उम्मीद है।
भारतीय टीम के मौजूदा कोच और कप्तान शुभमन गिल ने भी इस घोषणा पर खुशी जताई। कोच ने कहा, “हमारे लिए गर्व की बात है कि हम उस मैदान पर उतरेंगे जहां हमारे मार्गदर्शक को इतने बड़े सम्मान से नवाजा जा रहा है। पूरी टीम उन्हें समर्पित प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित है।”
गौरतलब है कि द्रविड़ इस वक्त टीम इंडिया के मुख्य कोच हैं और युवा खिलाड़ियों को तकनीकी मजबूती और मानसिक संतुलन के लिए लगातार प्रशिक्षित कर रहे हैं। उनके कोचिंग के कार्यकाल में भारत ने कई सीरीज जीती हैं और अंडर-19 टीम ने भी वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया है।
इस सम्मान समारोह के बाद चौथे टेस्ट मैच की शुरुआत होगी, लेकिन इस दिन की खास बात केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि उस खिलाड़ी का सम्मान होगा, जिसने क्रिकेट को एक चरित्र की तरह जिया और निभाया। भारतीय फैंस के लिए यह पल भावनाओं से भरा और गर्व का क्षण होगा।
अब जब मैदान पर भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे, तो दर्शक एक ओर द्रविड़ की उपलब्धियों को सलाम करेंगे, वहीं युवा खिलाड़ी एक प्रेरणा के रूप में उन्हें देखकर बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लेंगे। यह दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पलों में दर्ज होने वाला है।
ओल्ड ट्रैफर्ड को बताया था शानदार जगह

फारुख इंजीनियर ने कुछ साल पहले क्लब की वेबसाइट से कहा था कि वह अविश्वसनीय समय था और ओल्ड ट्रैफर्ड एक शानदार जगह थी। लोग हमें खेलते देखने के लिए मीलों दूर से आते थे। ओल्ड ट्रैफर्ड के ड्रेसिंग रूम से हम वारविक रोड रेलवे स्टेशन देख सकते थे। हम नारे लगाते, बातें करते और हंसी-मजाक करते लोगों को सुन सकते थे।
मैनचेस्टर में ही रहते हैं इंजीनियर
फारुख इंजीनियर ने कहा कि इंग्लैंड में हर कोई उस महान टीम के बारे में बात कर रहा था जिसमें क्लाइव लॉयड, हैरी पिलिंग, पीटर लीवर और केन शटलवर्थ जैसे नाम थे। संन्यास लेने के बाद इंजीनियर ने मैनचेस्टर को अपना घर बना लिया और आज तक यहीं रहते हैं।
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