बिहार सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में 48 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें ग्राम कचहरी सचिवों का वेतनमान बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही बिहार के सात जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने को भी मंजूरी मिली है।
बिहार सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं, पंचायत व्यवस्था और आम जनता पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 30 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सबसे अहम फैसला राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज खोलने और ग्राम कचहरी सचिवों के वेतनमान में बढ़ोतरी से जुड़ा रहा। इसके अलावा भी कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

सात नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और युवाओं को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए कैबिनेट ने सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये कॉलेज राज्य के अलग-अलग जिलों में खोले जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से न केवल डॉक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि लोगों को अपने ही राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ भी मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले वर्षों में बिहार को मेडिकल हब बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।
ग्राम कचहरी सचिवों का बढ़ा वेतन
बैठक में पंचायत व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई। ग्राम कचहरी सचिवों के वेतनमान में बढ़ोतरी को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इन सचिवों को पहले की तुलना में अधिक मानदेय मिलेगा। सरकार का मानना है कि पंचायत स्तर पर काम करने वाले ये कर्मचारी ग्रामीण न्याय प्रणाली और प्रशासनिक कार्यों की रीढ़ हैं, इसलिए इन्हें उचित वेतन और सुविधाएँ मिलनी चाहिए।
शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े निर्णय
कैबिनेट ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए कौशल विकास केंद्र खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में नए पदों के सृजन और शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया। इससे उच्च शिक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ
बैठक में सड़क निर्माण विभाग की कई योजनाओं को हरी झंडी मिली। विभिन्न जिलों में नई सड़कें, पुल और फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क से न केवल आम लोगों का आवागमन आसान होगा, बल्कि उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
किसानों के लिए भी बैठक में राहत की घोषणा हुई। कृषि विभाग की कई नई योजनाओं को मंजूरी मिली, जिनमें सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और किसानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना शामिल है। इसके अलावा ग्रामीण विकास के लिए नए जल-जीवन-हरियाली प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति दी गई।
समाज कल्याण से जुड़े फैसले
बैठक में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत कई प्रस्ताव पारित हुए। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा महिलाओं के लिए नए प्रशिक्षण और स्वरोजगार कार्यक्रमों को भी मंजूरी दी गई।
निष्कर्ष
बिहार कैबिनेट की इस बैठक से यह साफ है कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक न्याय को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। सात नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात राज्य के युवाओं और आम जनता के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। वहीं ग्राम कचहरी सचिवों का वेतन बढ़ाकर सरकार ने स्तर के कर्मचारियों को मजबूत करने का संकेत दिया है। इन फैसलों के लागू होने से आने वाले समय में बिहार की तस्वीर और सकारात्मक रूप से बदलने की उम्मीद की जा रही है।
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