“उपराष्ट्रपति चुनाव: वोटिंग शुरू, पीएम मोदी ने डाला पहला वोट”

भारत के अगले उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए चुनाव का आयोजन आज 9 सितंबर मंगलवार को किया जा रहा है। एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया अलायंस की ओर से बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार हैं।

देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा ? , इसका फैसला आज यानी मंगलवार को हो जाएगा। संसद भवन में सुबह 10 बजे से उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। मतदान का पहला वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डाला। उनके बाद विभिन्न दलों के सांसद क्रम से वोटिंग कर रहे हैं। इस बार का चुनाव खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को मैदान में उतारा है।

"उपराष्ट्रपति चुनाव: वोटिंग शुरू, पीएम मोदी ने डाला पहला वोट"
“उपराष्ट्रपति चुनाव: वोटिंग शुरू, पीएम मोदी ने डाला पहला वोट”

कौन-कौन हैं उम्मीदवार?

उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से सीपी राधाकृष्णन मैदान में हैं। वे तमिलनाडु से आते हैं और बीजेपी के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया अलायंस’ ने बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। रेड्डी आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं और सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रह चुके हैं। उन्हें विपक्ष ने “संविधान और न्यायप्रियता की आवाज” बताते हुए उम्मीदवार घोषित किया था।

कौन-कौन हैं उम्मीदवार?
कौन-कौन हैं उम्मीदवार?

वोटिंग की प्रक्रिया

चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डाल सकते हैं। कुल मिलाकर 788 सांसदों के पास वोटिंग का अधिकार है, जिनमें लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 245 सदस्य शामिल हैं। वोटिंग गुप्त बैलेट से हो रही है और इसके लिए संसद भवन परिसर में विशेष व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी और फिर उसके तुरंत बाद मतगणना शुरू की जाएगी। नतीजे मंगलवार देर शाम तक आने की उम्मीद है।

एनडीए बनाम इंडिया अलायंस

राजनीतिक गणित की बात करें तो एनडीए गठबंधन इस वक्त संसद में बहुमत की स्थिति में है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास लोकसभा में बहुमत है और राज्यसभा में भी उनकी स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत है। ऐसे में सीपी राधाकृष्णन की जीत की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ संख्या बल का नहीं, बल्कि “विचारधारा और लोकतांत्रिक संतुलन” का है। इंडिया अलायंस का दावा है कि बी. सुदर्शन रेड्डी का चुनाव देश की संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करेगा।

पीएम मोदी और विपक्षी नेताओं की अपील

वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा, “यह चुनाव लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की गरिमा के लिए है। मैं सभी सांसदों से अपील करता हूं कि वे पूरी गंभीरता के साथ मतदान करें।”
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “विपक्ष ने एक ऐसे उम्मीदवार को उतारा है जिनका जीवन न्याय और संवैधानिक मूल्यों को समर्पित रहा है। हमें उम्मीद है कि सांसद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सही उम्मीदवार का चयन करेंगे।”

उपराष्ट्रपति का महत्व

भारत का उपराष्ट्रपति न केवल राज्यसभा का सभापति होता है, बल्कि राष्ट्रपति के बाद दूसरा सबसे ऊँचा संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति की भूमिका कानून निर्माण और संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने में बेहद अहम होती है। मौजूदा उपराष्ट्रपति का कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो गया था, जिसके बाद नए चुनाव की घोषणा हुई।

रिजल्ट पर टिकी निगाहें

सांसदों के मत देने की प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी और फिर मतगणना शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार, रात तक नतीजे सामने आ जाएंगे। नई दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश की नजरें आज संसद भवन पर टिकी हुई हैं, क्योंकि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, यह तय हो जाएगा।

आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है। चाहे सीपी राधाकृष्णन जीतें या बी. सुदर्शन रेड्डी, देश को एक नया उपराष्ट्रपति मिलेगा, जो आने वाले पांच साल तक इस संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखेगा।

निष्कर्ष:


9 सितंबर 2025 का दिन भारतीय राजनीति के लिए अहम है। उपराष्ट्रपति चुनाव की यह जंग एनडीए और इंडिया अलायंस के बीच सीधी टक्कर में बदल चुकी है। अब सबकी नजरें मतगणना पर हैं, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि देश की कमान राष्ट्रपति के बाद दूसरे सर्वोच्च पद पर कौन संभालेगा।

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