मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली आज केवल धार्मिक आस्था के पर्व नहीं रह गए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक छवि के वाहक बन चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दीपावली, छठ पूजा, गुरु पर्व, बारावफात, और अन्य त्योहारों को लेकर जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को कई सख्त और अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सौहार्द के साथ त्योहारों का आयोजन होना चाहिए और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘स्वदेशी हो दीपावली’ — आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
सीएम योगी ने इस वर्ष दीपावली को “स्वदेशी हो दीपावली” की भावना के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहारों पर हर वर्ग का परिवार कुछ न कुछ खरीदारी करता है, और इस बार लोगों को चाहिए कि वे स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर बने दीपक, मूर्तियां, मिट्टी के सामान, खिलौने और हस्तशिल्प उत्पादों के प्रचार-प्रसार में मदद करें ताकि छोटे उद्योगों और कारीगरों को आर्थिक लाभ मिल सके।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारी दीपावली तभी सार्थक होगी, जब घर-घर ‘मिट्टी के दीये’ जलेंगे, और स्वदेशी उत्पादों से बाजार सजेंगे। यही हमारे कारीगरों और उद्यमियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”
खुफिया तंत्र और पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश
त्योहारों के मद्देनजर सीएम योगी ने पुलिस और खुफिया विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर जिले में पुलिस बल को 24 घंटे गश्त पर रहना चाहिए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके। सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा न हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया की निगरानी को भी बढ़ाने के आदेश दिए और कहा कि किसी भी भ्रामक या उकसाने वाले संदेश पर तुरंत कार्रवाई हो।
त्योहारों पर बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे

सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान सड़क, बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि दीपावली और छठ पर्व के दौरान विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और नगर पंचायतों को निर्देश दिया कि सड़कों और बाजारों में गड्ढों की मरम्मत जल्द से जल्द पूरी की जाए।
पटाखों पर नियमों का सख्ती से पालन
योगी आदित्यनाथ ने इस बार फिर से साफ किया कि केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और निर्माण पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे इलाकों की पहचान की जाए जहां बिना अनुमति के पटाखों की बिक्री न हो सके।
धार्मिक आयोजनों में पारदर्शिता और सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में संबंधित समितियों, मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों के प्रबंधकों से संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन और आयोजक मिलकर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी से काम करें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
‘सुरक्षित त्योहार, सशक्त उत्तर प्रदेश’ का संदेश
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश में शांति, सौहार्द और धार्मिक एकता की मिसाल कायम की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सामंजस्य बना रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल त्योहार मनाना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जिसमें हर नागरिक खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। स्वदेशी दीपावली आत्मनिर्भर भारत की भावना को और मजबूत करेगी।”
निष्कर्ष
त्योहारों से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ का यह समीक्षा बैठक न केवल प्रशासनिक सख्ती का संकेत है, बल्कि एक ‘सुरक्षित, स्वदेशी और सामंजस्यपूर्ण दीपावली’ की दिशा में बड़ा कदम भी है। सरकार का जोर न केवल सुरक्षा पर है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों के संवर्धन पर भी है। अब देखना यह होगा कि ज़मीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन कितनी गंभीरता से किया जाता है।
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