बिहार चुनाव: सीट बंटवारे पर चिराग का NDA को बड़ा इशारा !

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान ने एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। बीजेपी नेताओं और चिराग पासवान के बीच लंबी बातचीत के बाद चिराग पासवान ने कहा है कि सीटों के अलावा भी कई चीजों पर विस्तार से बात हो रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पहली बार खुलकर अपनी राय जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनकी बीजेपी के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और सीट बंटवारे समेत गठबंधन की हर छोटी-बड़ी बात पर विस्तार से चर्चा जारी है।

बिहार चुनाव: सीट बंटवारे पर चिराग का NDA को बड़ा इशारा !
बिहार चुनाव: सीट बंटवारे पर चिराग का NDA को बड़ा इशारा !

चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर बहुत संतोषजनक माहौल है। उन्होंने कहा, “जहां हमारे प्रधानमंत्री हैं, वहां हर बात सहयोगपूर्ण तरीके से सुलझाई जाती है। हमारी बातचीत में एक स्पष्ट और सकारात्मक दिशा है। सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर चर्चा लगातार जारी है।”

एनडीए गठबंधन का मजबूत मोर्चा

लोकजनशक्ति पार्टी और बीजेपी के बीच सहयोग को देखकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि एनडीए इस बार बिहार में एक मजबूत मोर्चा बनाने की तैयारी में है। चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे में किसी भी तरह की झिझक नहीं है और दोनों पक्ष एक-दूसरे की बातों को समझकर ही अंतिम निर्णय लेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि चिराग पासवान की सकारात्मक प्रतिक्रिया एनडीए के लिए चुनावी रणनीति में मददगार साबित हो सकती है। इससे न केवल गठबंधन की समान सोच और मजबूती सामने आएगी, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी यह संकेत है कि एनडीए में एकजुटता है।

महागठबंधन में सीट बंटवारे का पेंच

वहीं, एनडीए के मुकाबले महागठबंधन में सीट बंटवारे का मामला अभी भी फंसा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों की संख्या को लेकर मतभेद हैं, जबकि वीआईपी भी अपने हिस्से की मांग पूरी करने की स्थिति में है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महागठबंधन के लिए यह चुनौती बड़ी है। यदि सीटों के बंटवारे में सभी दलों के बीच संतुलन नहीं बना, तो गठबंधन कमजोर दिख सकता है। कुछ विश्लेषक इसे महागठबंधन के लिए निर्णायक समय बता रहे हैं, क्योंकि समय कम है और अंतिम फैसला जल्दी ही लेना होगा।

चिराग पासवान का गठबंधन पर दृष्टिकोण

चिराग पासवान ने कहा कि गठबंधन में हर दल की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम किसी भी निर्णय में अकेले नहीं बल्कि समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बीजेपी के साथ हमारी बातचीत में यही सकारात्मक पहलू है कि हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा होती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की सकारात्मक रणनीति और सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण आम जनता तक भी संदेश भेजती है कि गठबंधन में विश्वास और एकजुटता है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए में सीट बंटवारे पर सकारात्मक माहौल और महागठबंधन में असमंजस बिहार चुनाव की दिशा तय कर सकता है। यदि महागठबंधन समय रहते सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनाता, तो एनडीए को इसका चुनावी फायदा मिल सकता है।

विशेषज्ञों ने कहा कि चिराग पासवान की भूमिका महत्त्वपूर्ण होगी। उनकी सकारात्मक सोच और गठबंधन के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण एनडीए को चुनाव में मजबूत स्थिति दे सकता है। वहीं, महागठबंधन को तत्काल समाधान ढूंढने की जरूरत है, नहीं तो गठबंधन की छवि कमजोर पड़ सकती है।

निष्कर्ष

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर सकारात्मक माहौल और महागठबंधन में असहमति ने राजनीतिक समीकरण को दिलचस्प बना दिया है। चिराग पासवान की संतुलित और सकारात्मक भूमिका एनडीए को फायदा पहुंचा सकती है, जबकि महागठबंधन की बैठकों और विवादों पर जनता की नजरें बनी हुई हैं। आगामी कुछ हफ्तों में सीटों के बंटवारे का फाइनल निर्णय ही यह तय करेगा कि बिहार का चुनावी मैदान किस गठबंधन के पक्ष में झुकेगा।

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