योगी सरकार ने बदले PWD के पुराने नियम, 30 साल बाद नई शुरुआत !

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अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री को सिविल, विद्युत एवं यांत्रिक कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी.

उत्तर प्रदेश में PWD (Public Works Department) के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी है। योगी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 साल बाद PWD विभाग के पुराने नियमों में संशोधन करने का फैसला किया है। इस बदलाव का उद्देश्य विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक बनाना बताया जा रहा है।

योगी सरकार ने बदले PWD के पुराने नियम, 30 साल बाद नई शुरुआत !
योगी सरकार ने बदले PWD के पुराने नियम, 30 साल बाद नई शुरुआत !

30 साल बाद आए बदलाव

PWD विभाग के नियम पिछले तीन दशकों से अधिक समय से वही पुराने ढर्रे पर चल रहे थे। पिछले 30 वर्षों में तकनीक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई बदलाव हुए, लेकिन नियमों में संशोधन नहीं किया गया। योगी सरकार ने इसे समय की मांग मानते हुए बदलाव की प्रक्रिया शुरू की।

सरकार का कहना है कि नए नियम विभागीय कार्यों में तेजी लाएंगे, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएंगे और निर्माण गुणवत्ता में सुधार करेंगे। इस फैसले से विभागीय कर्मचारियों के लिए भी नियमों के पालन में स्पष्टता आएगी।

बदलाव की मुख्य बातें

सूत्रों के अनुसार नए नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

  1. टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता: निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल किया जाएगा। इससे रिश्वतखोरी और अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।
  2. तकनीकी मानक और गुणवत्ता: सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य होगा। नया नियम सुनिश्चित करेगा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर किसी प्रकार की समझौता न हो।
  3. डिजिटल मॉनिटरिंग: अब PWD के सभी प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग डिजिटल माध्यम से होगी। अधिकारियों और जनता दोनों को प्रोजेक्ट की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
  4. लागत में नियंत्रण: नियमों में बदलाव के साथ निर्माण लागत का नियमन और बजट की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इससे विभागीय खर्चों में कटौती और सही दिशा में निवेश संभव होगा।
  5. समय सीमा का पालन: अब निर्माण कार्यों की समयसीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा। नियम उल्लंघन करने वाले ठेकेदार और अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य

योगी सरकार का कहना है कि यह बदलाव राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण को और अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाने के लिए किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि PWD विभाग के प्रोजेक्ट्स समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, नए नियम सभी स्तरों पर कार्यकुशलता बढ़ाएंगे और विभाग की कार्यप्रणाली में स्पष्टता लाएंगे। साथ ही, जनता और सरकार दोनों के लिए विश्वास बढ़ेगा कि सार्वजनिक धन का सही और पारदर्शी उपयोग हो रहा है।

विभागीय कर्मचारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी

नए नियमों के अनुसार PWD के अधिकारी और कर्मचारी निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रोजेक्ट के सही समय पर पूर्ण होने के लिए जिम्मेदार होंगे। ठेकेदारों के लिए भी यह स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उत्तर प्रदेश में सड़कों और पुलों की निर्माण प्रक्रिया में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। लंबे समय से पुराने नियमों में बदलाव न होने के कारण विभागीय कार्यों में कई समस्याएं आती रही हैं।

जनता को लाभ

नए नियमों से आम जनता को भी फायदा होगा। निर्माण कार्य समय पर पूरे होंगे और उनके लिए बेहतर और सुरक्षित सड़कें, पुल और भवन उपलब्ध होंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से जनता भी प्रोजेक्ट की स्थिति जान सकेगी और शिकायत करने में सक्षम होगी।

निष्कर्ष

योगी सरकार का यह निर्णय PWD विभाग के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूण है। 30 साल बाद नियमों में बदलाव से विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार, निर्माण गुणवत्ता में वृद्धि और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव होगा। यह कदम न केवल विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

उत्तर प्रदेश में सड़क और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में यह पहल राज्य के विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।

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