उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 46 IAS अफसरों का तबादला किया है। इसमें 10 जिलों के डीएम बदले गए हैं। रामपुर के डीएम जोगिंदर सिंह की जगह अजय कुमार द्विवेदी को जिले का नया डीएम बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 46 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस सूची में 10 जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) भी शामिल हैं। इस फेरबदल में रामपुर, बुलंदशहर, बरेली, सोनभद्र, गोंडा, मऊ, एटा, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर और चित्रकूट जैसे जिलों के डीएम बदले गए हैं। सरकार के इस कदम को आगामी निकाय चुनावों और प्रशासनिक कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।

रामपुर के डीएम बदले गए

रामपुर जिले के जिलाधिकारी (डीएम) को बदलना इस फेरबदल का सबसे प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है। रामपुर एक संवेदनशील जिला माना जाता है, जहां राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अक्सर प्रशासन को विशेष ध्यान देना पड़ता है। नए डीएम के रूप में सरकार ने ऐसे अधिकारी को नियुक्त किया है जिनका ट्रैक रिकॉर्ड सख्त प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता के लिए जाना जाता है। इससे पहले कार्यरत डीएम को शासन स्तर पर नई जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य जिलों में भी प्रशासनिक बदलाव
इस फेरबदल के तहत बुलंदशहर, बरेली और सोनभद्र के डीएम भी बदले गए हैं। बुलंदशहर में नए डीएम को कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस करने का निर्देश दिया गया है। वहीं बरेली में लंबे समय से चल रहे विकास परियोजनाओं की गति तेज करने और नगरीय सुधार कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी नए जिलाधिकारी को दी गई है।
सोनभद्र में भी नई नियुक्ति के जरिए प्रशासनिक मजबूती की कोशिश की गई है। यह इलाका खनन और आदिवासी जनसंख्या के कारण शासन की प्राथमिकता में रहता है। वहीं गोंडा, मऊ, एटा, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर और चित्रकूट के जिलाधिकारियों के तबादले विकास परियोजनाओं की प्रगति और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक तालमेल को बेहतर करने के मकसद से किए गए हैं।
शासन स्तर पर भी बदलाव
जिलाधिकारियों के अलावा शासन स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। 46 आईएएस अफसरों की तबादला सूची में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को सचिवालय में पदस्थापित किया गया है, जबकि कुछ को विभागीय प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह, ऊर्जा, नगर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी फेरबदल किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और नई नीतियों के क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व्यक्तिगत रूप से इन तबादलों की समीक्षा कर रहे थे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले स्तर पर विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो और जनता से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सके। इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और आगामी चुनावी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए भी यह प्रशासनिक फेरबदल अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि “सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रत्येक जिले में एक सक्रिय और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र काम करे। यह फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया कदम है।”
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में इस समय कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है। रामपुर और अन्य संवेदनशील जिलों में नए डीएम की तैनाती का सीधा संदेश यह है कि सरकार किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 46 आईएएस अफसरों का यह व्यापक तबादला उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासनिक दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत देता है। जहां एक ओर यह बदलाव शासन व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट करता है कि सरकार आगामी महीनों में जनता से जुड़े मसलों पर और अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है।
यह फेरबदल प्रदेश की नौकरशाही में नई ऊर्जा का संचार करेगा या नहीं, यह तो आने वाले दिनों में दिखेगा, लेकिन फिलहाल यह साफ है कि योगी सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
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