गांधी मैदान में सजा सियासी महामंच, नीतीश बने फिर मुखिया !

बिहार में आज देशभर से तमाम दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला है। नीतीश कुमार ने आज गांधी मैदान में 10वीं बार बिहार के CM पद की शपथ ले ली है।

बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब जेडीयू के वरिष्ठ नेता और राज्य की राजनीति की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में शामिल नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह ने राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का भी ध्यान अपनी ओर खींचा। यह अवसर सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राजनीतिक स्थिरता और गठबंधन की मजबूती का प्रतीक भी माना जा रहा है।

गांधी मैदान में सजा सियासी महामंच, नीतीश बने फिर मुखिया !
गांधी मैदान में सजा सियासी महामंच, नीतीश बने फिर मुखिया !

गांधी मैदान को इस समारोह के लिए विशेष रूप से सजाया गया था। सैकड़ों अधिकारियों की तैनाती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आमंत्रित नेताओं की सूची ने इस आयोजन को एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम का रूप दे दिया। सुबह से ही राजधानी पटना में राजनीतिक गर्मी साफ महसूस की जा सकती थी।

नीतीश कुमार बने मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने ली डिप्टी सीएम की शपथ

नीतीश कुमार बने मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने ली डिप्टी सीएम की शपथ
नीतीश कुमार बने मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने ली डिप्टी सीएम की शपथ

राज्यपाल के समक्ष आयोजित इस समारोह में पहले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके तुरंत बाद भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह दोनों ही नेता भाजपा में लंबे समय से सक्रिय हैं और संगठन से लेकर विधानसभा तक मजबूत पकड़ रखते हैं। दोनों को डिप्टी सीएम बनाए जाने को भाजपा की गठबंधन सरकार में बढ़ी भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।

नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न सिर्फ उनके अनुभव और राजनीतिक कौशल को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बिहार की राजनीति में उनकी स्वीकार्यता अभी भी बेहद मजबूत है।

समारोह में जुटे देश के बड़े नेता – मोदी, शाह, नड्डा और राजनाथ की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व

इस शपथ ग्रहण का सबसे खास पहलू था राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की भारी मौजूदगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के शीर्ष नेता इस समारोह में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। मोदी ने नीतीश को शपथ के बाद बधाई दी और उम्मीद जताई कि बिहार नई ऊर्जा और विकास के साथ आगे बढ़ेगा। यह भी संदेश गया कि केंद्र की भाजपा सरकार बिहार को राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानती है।

एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं के एक मंच पर आना यह बताता है कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट होकर अगले पांच वर्षों के लिए आगे बढ़ना चाहता है। भाजपा और जेडीयू के रिश्तों में कभी-कभी उतार-चढ़ाव रहे हैं, लेकिन आज के दृश्य ने दोनों दलों की मजबूती को सार्वजनिक रूप से फिर से स्थापित किया।

गांधी मैदान: राजनीति और जनता के बीच सेतु

पटना का गांधी मैदान सिर्फ एक बड़ा आयोजन स्थल नहीं, बल्कि बिहार की सामाजिक-राजनीतिक चेतना का प्रतीक भी है। कई ऐतिहासिक रैलियों, आंदोलनों और जनसभाओं का गवाह रहा यह मैदान आज एक बार फिर इतिहास का हिस्सा बना। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश की शपथ, दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति और देशभर के नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को एक बड़े राजनीतिक उत्सव का रूप दे दिया।

नई सरकार से उम्मीदें और चुनौतियाँ

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से जनता की कई उम्मीदें जुड़ी हैं। रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, अपराध नियंत्रण और आधारभूत संरचना विकास जैसे मुद्दे आने वाले समय में इस सरकार की प्राथमिकताओं में रहने वाले हैं।
सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसे नेताओं के शामिल होने से माना जा रहा है कि सरकार अधिक ऊर्जा और संगठनात्मक मजबूती के साथ काम करेगी।

समापन

कुल मिलाकर, यह शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हुआ। नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना सिर्फ एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व में जनता के भरोसे की पुन: पुष्टि भी है।
गांधी मैदान की ऐतिहासिक धरती से आज बिहार ने एक बार फिर नई दिशा और नए संकल्प की शुरुआत की है।

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