सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र प्रदेश वासियों को प्रेषित करते हुए प्रदेश निर्माण में सभी से सहयोग की अपील कर विकसित अयोध्या उर विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया है.
अयोध्या में राम मंदिर अब लगभग पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है और इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए 25 नवंबर को मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराने का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में उत्साह का माहौल है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक और प्रेरणादायी पत्र साझा किया है। उन्होंने यह पत्र स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व के लिए विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर का पूर्ण होना और अब उसका आधिकारिक शुभारंभ, न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक युगांतकारी क्षण है। उन्होंने इसे भारतीय आस्था, संस्कृति और सनातनी परंपराओं की अदम्य शक्ति का प्रतीक बताया। योगी ने कहा कि यह वही अयोध्या है जिसने सदियों तक संघर्ष का दौर देखा, परंतु आज यह नया इतिहास रचने के लिए खड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मध्वजा का फहराया जाना केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रदेश निर्माण और विकास यात्रा में सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का यह ऐतिहासिक क्षण केवल एक नगर की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की सामूहिक आस्था का परिणाम है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने लोगों से ‘विकसित अयोध्या और विकसित उत्तर प्रदेश’ का संकल्प लेने का आह्वान किया। योगी के अनुसार, यह समय नए उत्तर प्रदेश की कल्पना को वास्तविक रूप देने का है—जहां सांस्कृतिक गौरव के साथ-साथ आधुनिक विकास कदमताल करता नज़र आए।
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि बीते वर्षों में अयोध्या में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है। नए रेल, सड़क और एयर कनेक्टिविटी ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन का केंद्र बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, चौड़ी सड़कों, भव्य रामपथ और सरयू तट पर किए गए सौंदर्यीकरण ने रामनगरी की पहचान को विश्व मंच पर मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अयोध्या न केवल एक धार्मिक स्थल रहेगा, बल्कि यह देश की सबसे तेज़ी से विकसित होने वाली आधुनिक नगरियों में भी शामिल होगा।
योगी ने इस पत्र में सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मंदिर परिसर के सुव्यवस्थित संचालन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर का यह दिन अयोध्या की नई यात्रा की शुरुआत है, जिसके लिए सरकार ने सभी स्तरों पर तैयारियां कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, सफाई और सुरक्षा को लेकर विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए एक अवसर है, जिसे अत्यंत गरिमा और शुचिता के साथ संपन्न किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की जनता के धैर्य, विश्वास और सहयोग को भी सराहा। उन्होंने लिखा कि राम मंदिर निर्माण आंदोलन में जनता की आस्था, त्याग और वर्षों की प्रतीक्षा ने आज इस ऐतिहासिक क्षण को संभव बनाया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि अयोध्या अब न केवल आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि रोजगार, पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसरों का भी प्रमुख केंद्र बनेगी।
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ विकास की इस यात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश एकजुट होकर कार्य करता है, तब उसके विकास की गति और अधिक तेज़ हो जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राम मंदिर का ध्वजारोहण कार्यक्रम हर नागरिक को नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
इस प्रकार, 25 नवंबर का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य के विकास और सांस्कृतिक गौरव को भी नई दिशा देने वाला क्षण साबित होगा।
Also Read :
अयोध्या में भव्य आयोजन, राम मंदिर शिखर पर पीएम करेंगे ध्वजारोहण !