सोशल मीडिया पर मर्यादा अनिवार्य: सम्राट चौधरी ने शुरू किया अनुशासन अभियान !

 बिहार के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध रोकने के लिए कई कठोर फैसलों का ऐलान किया. उन्होंने कहा बिहार में ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नहीं होने दिया जाएगा.

सम्राट चौधरी ने प्रदेश में नीतीश कुमार के सुशासन को जारी रखने के लिए कई कड़े कदम उठाने की बात कही है. उनका कहना है कि बिहार में किसी भी तरह का अपराध अब बर्दाश्त नहीं होगा. इसके लिए उन्होंने साफ तौर पर कई बड़ी बातें कही हैं. 

सोशल मीडिया पर मर्यादा अनिवार्य: सम्राट चौधरी ने शुरू किया अनुशासन अभियान !
सोशल मीडिया पर मर्यादा अनिवार्य: सम्राट चौधरी ने शुरू किया अनुशासन अभियान !

बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी लगातार अपने कड़े फैसलों और त्वरित एक्शन के कारण सुर्खियों में हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था में सुधार उनकी पहली प्राथमिकता है। सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और अपराध से जुड़े कंटेंट पर सख्ती से निपटने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जो भी कोई सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में साइबर अपराध, सोशल मीडिया दुरुपयोग और ऑनलाइन अभद्र भाषा का चलन लगातार बढ़ रहा है। खासकर राजनीतिक बहसों, व्यक्तिगत विवादों और सोशल मीडिया कैंपेन के दौरान अशोभनीय टिप्पणियां, धमकियां और आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायतें तेजी से रजिस्टर हो रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में सम्राट चौधरी ने साफ संदेश दिया कि सोशल मीडिया अब ‘अवैध और अभद्र अभिव्यक्ति’ का मंच नहीं बनेगा।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना, धमकियां देना, फेक न्यूज़ फैलाना या समाज में तनाव बढ़ाने वाली पोस्ट डालना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में बिना देरी साइबर सेल और संबंधित थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। गृह मंत्री का यह बयान साफ दिखाता है कि सरकार ऑनलाइन स्पेस को भी कानून-व्यवस्था की मुख्य सीमा में शामिल करने के लिए गंभीर है।

सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य पुलिस को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को और अधिक संगठित और प्रभावी बनाया जा सके। इसके लिए साइबर पुलिस थानों को आधुनिक तकनीक, ट्रैकिंग टूल और विशेषज्ञ स्टाफ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। उनका कहना है कि बिहार अब साइबर अपराध को “सामान्य अपराध” की तरह ही गंभीरता से लेगा और यदि आवश्यक हुआ तो कानून को और कड़ा करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान गृह मंत्री ने अपराध नियंत्रण पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में क्राइम कंट्रोल को लेकर जो भी कदम उठाए जा सकते हैं, सभी उठाए जाएंगे। चाहे वह सड़क पर पेट्रोलिंग बढ़ाना हो, गैंगस्टरों पर नकेल कसना हो, अवैध शराब और हथियारों के कारोबार को खत्म करना हो या जिले-दर-जिले अपराधियों की सूचियां तैयार करना — सरकार हर दिशा में एक्शन मोड में है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में लोग कानून-व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से महसूस करेंगे।

गृह मंत्री ने कैदियों पर भी नए कड़े नियम लागू करने की बात कही। जेलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल, बाहरी संपर्क, अवैध गतिविधियां और विशेष सुविधाएं देने वाली प्रवृत्तियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि जेल अपराधियों के लिए आरामगाह नहीं, बल्कि ‘सुधार और सजा’ का स्थान है। इसलिए जेल प्रशासन को अनुशासन और निगरानी को लेकर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं।

सम्राट चौधरी के इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा को जन्म दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर नियंत्रण को लेकर उनकी सख्ती डिजिटल युग में शासन की नई प्राथमिकताओं को दिखाती है। इससे एक ओर साइबर अपराध पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन नफरत फैलाने वाले तत्वों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

कुल मिलाकर, गृह मंत्री के हालिया कदमों से यह साफ है कि वे बिहार में कानून-व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए गंभीर हैं। उनका संदेश स्पष्ट है — चाहे सोशल मीडिया हो, सड़कें हों या जेलें — कानून का पालन हर किसी को करना होगा और असामाजिक गतिविधियों पर किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

Also Read :

बिहार AI मिशन लॉन्च: स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट !