वामसी कृष्णा गद्दाम ने कहा कि प्रदूषण को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर ध्यान दिया जाना चाहिए. उनकी इस पहल को लेकर संसद परिसर में चर्चा रही.
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सांसद वामसी कृष्णा गद्दाम ने संसद पहुंचने का एक अनोखा और संदेशात्मक तरीका अपनाया। वह खुद की बनाई हुई इलेक्ट्रिक बाइक लेकर संसद भवन पहुंचे, जिसने न केवल संसद परिसर में सबका ध्यान खींचा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी। उनकी इस पहल को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया तक में काफी चर्चा रही।

वामसी कृष्णा गद्दाम ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है और ऐसे में पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों का इस्तेमाल स्थिति को और खराब करता है। इसी वजह से उन्होंने इलेक्ट्रिक बाइक का उपयोग कर संसद आने का फैसला किया। सांसद ने कहा कि यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि आम लोगों को यह संदेश देने के लिए है कि अगर जनप्रतिनिधि चाहें, तो वे खुद उदाहरण पेश कर सकते हैं।
सांसद के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक बाइक महज 20 रुपये की चार्जिंग में करीब 100 किलोमीटर तक चलती है। उन्होंने इसे न केवल पर्यावरण के लिहाज से बेहतर, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद किफायती बताया। मौजूदा समय में जब ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन आम आदमी के लिए एक व्यवहारिक विकल्प बन सकते हैं।
इस इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है। खास बात यह है कि सांसद वामसी कृष्णा गद्दाम ने दावा किया कि उन्होंने यह बाइक खुद डिजाइन और तैयार की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस बाइक को सड़क पर चलाने के लिए जरूरी सभी कानूनी अनुमतियां भी ली गई हैं, ताकि किसी तरह का नियम उल्लंघन न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
बाइक पर बड़े अक्षरों में ‘RG’ लिखा हुआ था, जिसे लेकर भी संसद परिसर में चर्चा होती रही। कुछ लोग इसे कांग्रेस नेतृत्व से जोड़कर देख रहे थे, तो कुछ इसे एक निजी संदेश मान रहे थे। हालांकि, इस पर सांसद ने कोई विस्तृत राजनीतिक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
वामसी कृष्णा गद्दाम ने कहा कि दिल्ली-NCR इस वक्त गंभीर प्रदूषण संकट से गुजर रहा है। AQI लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हालात इतने खराब हैं, तो जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अगर नेता खुद प्रदूषण कम करने वाले विकल्प अपनाएं, तो आम जनता भी इससे प्रेरित होगी।
उनकी इस पहल को लेकर संसद परिसर में कई सांसदों और कर्मचारियों ने भी रुचि दिखाई। कुछ सांसदों ने बाइक को करीब से देखा और इसके फीचर्स के बारे में जानकारी ली। वहीं, सोशल मीडिया पर भी वामसी कृष्णा गद्दाम की यह इलेक्ट्रिक बाइक चर्चा का विषय बन गई। कई यूजर्स ने इसे ग्रीन पॉलिटिक्स की सकारात्मक मिसाल बताया, तो कुछ ने सरकार से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए और बेहतर नीतियां लाने की मांग की।
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन केवल पर्यावरण बचाने का साधन नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की जरूरत हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन और सब्सिडी पर और अधिक ध्यान दिया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित हों।
कुल मिलाकर, संसद में वामसी कृष्णा गद्दाम की यह अनोखी एंट्री सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक संदेश बनकर सामने आई है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट के दौर में उनकी इलेक्ट्रिक बाइक न सिर्फ चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गई कि क्या बाकी जनप्रतिनिधि भी पर्यावरण को लेकर ऐसे ठोस कदम उठाएंगे।