UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन ने EV उत्पादन और हाई-टेक निवेश पर चर्चा की और निवेश व रोजगार बढ़ाने पर सहमति बनाई.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच आज एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उत्पादन, मौजूदा परियोजनाओं और भविष्य के निवेश को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक को उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि टाटा समूह उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ाने जा रहा है, खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स पहले से ही प्रदेश में ईवी से जुड़ी गतिविधियों पर काम कर रही है और आने वाले समय में यहां नई परियोजनाएं शुरू करने की योजना है। इससे न सिर्फ राज्य की औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश ईवी मैन्युफैक्चरिंग के एक प्रमुख हब के रूप में भी उभर सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत बुनियादी ढांचा, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निवेश के अनुकूल नीतियों के कारण बड़े औद्योगिक समूह यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि निवेश योजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें।
इलेक्ट्रिक वाहन और रोजगार के नए अवसर

बैठक में यह भी बताया गया कि टाटा मोटर्स उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण को और गति दे रही है। कंपनी न सिर्फ मौजूदा ईवी मॉडलों के उत्पादन को बढ़ाने पर काम कर रही है, बल्कि नए इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में ईवी सेक्टर को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, सप्लाई चेन, बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी। इससे खासकर युवाओं और तकनीकी कौशल रखने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का एक बड़ा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। डीजल और पेट्रोल वाहनों की तुलना में ईवी से प्रदूषण कम होता है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ईवी सेक्टर में निवेश से न सिर्फ औद्योगिक विकास होगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
टाटा समूह की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भविष्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी निवेश किया जा सकता है। इससे उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार का केंद्र बन सकता है।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इस बैठक को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम माना जा रहा है। बड़े औद्योगिक निवेश से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। योगी सरकार पहले ही निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई नीतिगत सुधार कर चुकी है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की यह बैठक उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। आने वाले वर्षों में यदि योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख ईवी मैन्युफैक्चरिंग राज्यों में शामिल हो सकता है और रोजगार, पर्यावरण व आर्थिक विकास—तीनों मोर्चों पर मजबूत स्थिति बना सकता है।