प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में नीतीश कुमार के साथ जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात हाल ही में सामने आए ‘हिजाब खींचने के मामले’ को लेकर उठे सियासी विवाद के बीच हुई है, जिससे इस बैठक के राजनीतिक मायने और बढ़ गए हैं। प्रधानमंत्री आवास पर करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नीतीश कुमार इस विवाद को लेकर कोई स्पष्टीकरण देंगे या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की दिशा में कोई पहल करेंगे।

प्रधानमंत्री आवास पर अहम बैठक
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में नीतीश कुमार अकेले नहीं थे। उनके साथ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद तीनों नेताओं को एक साथ प्रधानमंत्री आवास से बाहर निकलते देखा गया, लेकिन किसी ने भी मीडिया के सवालों का सीधे जवाब नहीं दिया। इस चुप्पी ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है।
हाल के दिनों में सामने आए हिजाब विवाद को लेकर विपक्ष लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर है। इस घटना को लेकर न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री से उनकी यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट भर नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे सियासी डैमेज कंट्रोल और गठबंधन समन्वय के तौर पर देखा जा रहा है।
अमित शाह से भी हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री से मिलने से पहले नीतीश कुमार, ललन सिंह और सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। यह बैठक भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि गृह मंत्रालय कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का प्रमुख विभाग है और हिजाब विवाद भी इसी दायरे में आता है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में बिहार की राजनीतिक स्थिति, हालिया घटनाक्रम और आगामी रणनीतियों पर चर्चा हुई।
सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के आवास से निकलते हुए भी देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि दिल्ली दौरे के दौरान एनडीए के भीतर लगातार संवाद और समन्वय बना हुआ है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार अपने दो दिवसीय दिल्ली दौरे में एनडीए के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
शपथ के बाद पहला दिल्ली दौरा
नीतीश कुमार का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि यह शपथ ग्रहण के बाद उनका पहला दिल्ली दौरा है। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से यह माना जा रहा था कि नीतीश कुमार केंद्र के नेतृत्व से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति और तालमेल पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी से यह मुलाकात उसी क्रम में देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में केवल हिजाब विवाद ही नहीं, बल्कि बिहार की विकास योजनाएं, केंद्र-राज्य संबंध और एनडीए के भीतर समन्वय जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे होंगे। हालांकि, बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है।
माफी या सफाई पर सस्पेंस
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार हिजाब विवाद को लेकर माफी मांगेंगे या कोई स्पष्ट बयान देंगे। अब तक नीतीश कुमार की ओर से इस मामले में कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष इसे लेकर लगातार दबाव बना रहा है, जबकि एनडीए के भीतर इस मुद्दे को संभालकर आगे बढ़ने की कोशिशें हो रही हैं।

फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से नीतीश कुमार की मुलाकातों को राजनीतिक संदेश और रणनीतिक संवाद के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि हिजाब विवाद पर नीतीश कुमार क्या रुख अपनाते हैं और क्या इस मुलाकात के बाद कोई ठोस राजनीतिक संकेत सामने आता है।
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