CM योगी के ‘नमूना’ बयान पर अखिलेश का तंज, बोले– चौराहे पर न लाएं सरकार !

 यूपी विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल पैदा कर दी। कोडीन कफ सिरप मामले पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला किया, जिसे सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व से जोड़कर देखा गया। मुख्यमंत्री के इस बयान के महज 10 मिनट के भीतर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी पलटवार कर दिया और बयान को “नया मोड़” दे दिया।

CM योगी के ‘नमूना’ बयान पर अखिलेश का तंज, बोले– चौराहे पर न लाएं सरकार !
CM योगी के ‘नमूना’ बयान पर अखिलेश का तंज, बोले– चौराहे पर न लाएं सरकार !

सीएम योगी का तीखा बयान

विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली में बैठता है और दूसरा लखनऊ में। देश में जब भी कोई चर्चा होती है तो ये लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं। मुझे लगता है कि यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा होगा। वह भी देश से इंग्लैंड के सैर-सपाटे पर चले जाएंगे और आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे।”

सीएम योगी का तीखा बयान
सीएम योगी का तीखा बयान

मुख्यमंत्री का यह बयान साफ तौर पर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधता दिखा। खासतौर पर ‘दिल्ली और लखनऊ के दो नमूने’ और ‘इंग्लैंड चले जाने’ वाली टिप्पणी को सपा नेतृत्व पर कटाक्ष के रूप में देखा गया। सत्तापक्ष के विधायकों ने इस बयान पर मेज थपथपाकर समर्थन जताया, जबकि विपक्षी खेमे में नाराजगी साफ नजर आई।

अखिलेश यादव का त्वरित पलटवार

सीएम योगी के बयान के करीब 10 मिनट बाद ही अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को “भटकाने वाला” बताते हुए कहा कि सरकार को गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए राजनीति को “चौराहे” पर लाना चाहिए। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बैठकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता और इससे जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश होती है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कोडीन कफ सिरप जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष पर हमला कर अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, “जब सवाल सरकार से पूछे जाते हैं तो जवाब देने के बजाय बयानबाजी शुरू हो जाती है।”

कोडीन कफ सिरप मामला बना सियासी हथियार

कोडीन कफ सिरप का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से यूपी की राजनीति में गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार से यह पूछ रहा है कि अवैध बिक्री और नशे के नेटवर्क को लेकर पहले सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। वहीं सरकार का दावा है कि उसने देश का सबसे बड़ा क्रैकडाउन चलाकर ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ी है।

इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का यह बयान आया, जिसे विपक्ष ने मुद्दे से भटकाने की कोशिश बताया। सपा नेताओं का कहना है कि सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने के बजाय विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रही है।

सियासी माहौल और गरमाया

सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच इस त्वरित बयानबाजी के बाद सदन का माहौल और गर्म हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कई बार कार्यवाही बाधित भी हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ेगा, ऐसे तीखे बयान और तेज हो सकते हैं।

आगे क्या संकेत?

सीएम योगी के बयान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया को आगामी राजनीतिक रणनीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। जहां एक ओर सरकार सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को अपना मजबूत पक्ष बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रहा है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री के “नमूने” वाले बयान और अखिलेश यादव के “चौराहे” वाले जवाब ने यूपी की सियासत को एक नया मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और तेज होने के संकेत दे रही है।

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