न्याय के सवाल पर योगी का एलान, पूजा पाल का जिक्र कर विपक्ष पर वार !

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में पूजा पाल का जिक्र किया और सपा पर तीखा जुबानी हमला बोला.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की बागी और निष्कासित विधायक पूजा पाल का नाम लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि जब पूजा पाल उनकी पार्टी की सदस्य थीं, तब उन्हें न्याय दिलाने में सपा पूरी तरह विफल रही।

न्याय के सवाल पर योगी का एलान, पूजा पाल का जिक्र कर विपक्ष पर वार !
न्याय के सवाल पर योगी का एलान, पूजा पाल का जिक्र कर विपक्ष पर वार !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा,
पूजा पाल आपकी सदस्य थीं, लेकिन आप उन्हें न्याय नहीं दिला पाए। क्योंकि आपमें हिम्मत नहीं थी। आपने गुंडों और माफियाओं के सामने गरीब बेटी को न्याय नहीं दिया। माफिया के सामने झुकना आपकी मजबूरी थी।
सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार में कानून सबके लिए बराबर है और पीड़ित चाहे किसी भी दल या विचारधारा से जुड़ा हो, उसे हर हाल में न्याय मिलेगा।

योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से सीधा सवाल करते हुए कहा कि क्या पूजा पाल पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का हिस्सा नहीं थीं? अगर थीं, तो फिर उन्हें न्याय क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है और यह उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में गुंडों और माफियाओं का दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी पौराणिक स्थल पर या सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। “जो भी कानून तोड़ेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी,” सीएम ने कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बेटी चाहे इस पक्ष की हो या उस पक्ष की, उसे हर हाल में न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि न्याय में पक्षपात का सवाल ही नहीं उठता। “हमारे लिए हर बेटी समान है और सरकार का दायित्व है कि उसकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए,” योगी आदित्यनाथ ने कहा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजमा यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विजमा यादव को उन्होंने खुद बुलाया था और भरोसा दिलाया था कि सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा देगी। सीएम ने कहा कि किसी भी महिला को डर या दबाव में जीने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हर स्तर पर मदद करेगी।

सीएम योगी के इस बयान को विपक्ष पर सीधा हमला माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी पर उन्होंने परोक्ष रूप से आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उसने माफियाओं के सामने घुटने टेक दिए थे और कमजोर, गरीब तथा पीड़ित वर्ग को न्याय नहीं दिला पाई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार में कानून का राज है, न कि माफियाओं का।

विधानसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी खेमे में हलचल देखी गई। सपा विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई, वहीं सत्ता पक्ष के विधायक मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते नजर आए। अध्यक्ष को बीच में हस्तक्षेप कर सदन की कार्यवाही को शांत कराना पड़ा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूजा पाल का मुद्दा उठाकर सीएम योगी ने पीडीए राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों को एक साथ साधने की कोशिश की है। इससे एक ओर विपक्ष की कथित सामाजिक न्याय की राजनीति पर सवाल खड़े किए गए, तो दूसरी ओर सरकार की सख्त कानून व्यवस्था की छवि को और मजबूत किया गया।

गौरतलब है कि पूजा पाल का मामला लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश की राजनीति में महिला सुरक्षा, माफिया राज और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं।

कुल मिलाकर, विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान न सिर्फ विपक्ष पर सीधा हमला था, बल्कि यह संदेश भी कि उनकी सरकार में न्याय, सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम के इस सख्त रुख ने एक बार फिर यूपी की राजनीति को गरमा दिया है।

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