जनता दर्शन में योगी का दो टूक: गरीबों के दुश्मन बख्शे नहीं जाएंगे !

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 गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं

जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रचंड ठंड और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सोमवार को जनसेवा का संकल्प निभाया। कड़ाके की ठंड के बीच भी उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में भाग लिया और दूर-दराज से आए लोगों की समस्याएं पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित न्याय और राहत देना है और इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता दर्शन में योगी का दो टूक: गरीबों के दुश्मन बख्शे नहीं जाएंगे !
जनता दर्शन में योगी का दो टूक: गरीबों के दुश्मन बख्शे नहीं जाएंगे !

सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से सीधे संवाद किया। कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा। सरकार आप सभी के साथ है और हर संभव मदद करेगी।” मुख्यमंत्री का यह आत्मीय संवाद लोगों के चेहरे पर भरोसे और राहत का भाव लेकर आया।

जनता दर्शन में शामिल लोग विभिन्न जिलों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इनमें राजस्व, भूमि विवाद, आवास, पेंशन, इलाज, शिक्षा, रोजगार, पुलिस से जुड़ी शिकायतें और प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों से जुड़े प्रार्थना पत्र शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान दिया जाए और उसका समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में गरीब, असहाय या कमजोर वर्ग से जुड़े लोग हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर प्रार्थना पत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और फरियादी को यह जानकारी भी दी जाए कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गरीबों को उजाड़ने, उनके अधिकारों का हनन करने या उन्हें परेशान करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिला कि प्रदेश में कानून के राज को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि ठंड के मौसम को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के प्रयास और तेज किए जाएं। रैन बसेरों, अलाव, कंबल वितरण और गरीबों के लिए चल रही योजनाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लें।

जनता दर्शन कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह एक स्पष्ट संदेश था कि मुख्यमंत्री स्वयं जनता की समस्याओं की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शासन और प्रशासन का असली मूल्यांकन जनता की संतुष्टि से होता है। यदि आम आदमी को समय पर न्याय और सहायता मिलती है, तभी सरकार की नीतियां सार्थक मानी जाएंगी।

कुल मिलाकर, प्रचंड ठंड में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन कार्यक्रम सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बना। जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और त्वरित समाधान के निर्देश देना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार जनसेवा को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सतत दायित्व मानती है। मुख्यमंत्री के इस प्रयास से लोगों में भरोसा मजबूत हुआ है कि उनकी आवाज सीधे शासन तक पहुंच रही है और समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से होगा।

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