उत्तर प्रदेश में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे का अटैक जारी हैं. प्रदेश में आज भी 57 जिलों में घने कोहरे से अत्यंत घने कोहरे की चेतावनी दी गई है. एक जनवरी को बारिश के आसार है.
उत्तर प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। फिलहाल लोगों को इस ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है। सुबह और शाम के समय जबर्दस्त ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, वहीं घने कोहरे और शीत दिवस (कोल्ड-डे) की स्थिति ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई हिस्सों में लोग अलाव और हीटर का सहारा लेकर किसी तरह ठंड से बचाव कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भी ठंड का असर बरकरार रहेगा। कोहरे और कोल्ड-डे का सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर रात और सुबह के समय तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है। सर्द हवाओं के चलते खुले इलाकों में लोगों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आज 31 दिसंबर को प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन इसके बावजूद ज्यादातर हिस्सों में घने कोहरे और शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी। कई जिलों में अत्यधिक घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी शून्य यानी जीरो मीटर तक पहुंच सकती है। ऐसे में चारों ओर सफेद कोहरे की मोटी चादर छाई रहेगी, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है।

घने कोहरे की वजह से सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। हाईवे और संपर्क मार्गों पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
शीत दिवस की स्थिति के कारण दिन में भी धूप के दर्शन कम ही हो पा रहे हैं। कई जिलों में पूरे दिन सूरज बादलों और कोहरे के पीछे छिपा रहा, जिससे तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर देखा जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी ज्यादा नजर आ रहा है। सुबह-सुबह खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शहरी इलाकों में फुटपाथ पर रहने वाले और गरीब तबके के लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था की गई है।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि एक जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। बारिश होने की स्थिति में ठंड और बढ़ सकती है और तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही कोहरे की तीव्रता में भी इजाफा होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में नए साल की शुरुआत भी कड़ाके की ठंड के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में ठंड, कोहरा और शीत दिवस का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए ठंड के लिहाज से और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।