‘मैं खत्म नहीं हुआ हूं’, चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का दावा !

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 अयोध्या में राम मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम का आमंत्रण न मिलने पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें न्योता नहीं दिया गया.

कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर सियासी वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर वह जिंदा रहे तो चुनाव जरूर लड़ेंगे। एक समाचार चैनल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि उन्हें लोकसभा से जनता ने नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हटाया गया। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

‘मैं खत्म नहीं हुआ हूं’, चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का दावा !
‘मैं खत्म नहीं हुआ हूं’, चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का दावा !

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनका लोकसभा कार्यकाल बीच में ही समाप्त कर दिया गया और उन्हें अपमानित करते हुए पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक नहीं थी और इसके पीछे सोची-समझी रणनीति काम कर रही थी। पूर्व सांसद ने कहा, “मुझे जनता ने नहीं हटाया। अगर जनता हटाती तो मैं उसे स्वीकार करता, लेकिन यहां मेरे साथ साजिश की गई।”

उन्होंने आगे कहा कि इसी वजह से वह एक बार फिर जनता के बीच जाने का मन बना चुके हैं। बृजभूषण शरण सिंह ने दो टूक कहा कि वह दोबारा लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैं जनता के बीच जाऊंगा और जनता ही तय करेगी कि मैं कहां से चुनाव लड़ूं।” इस बयान से साफ है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को पूरी तरह जनता के फैसले पर छोड़ना चाहते हैं।

‘मैं खत्म नहीं हुआ हूं’, चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का दावा !
‘मैं खत्म नहीं हुआ हूं’, चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का दावा !

बीजेपी को लेकर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनकी पहली कोशिश यही रहेगी कि वह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर ही चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा, “मैं बीजेपी का कार्यकर्ता रहा हूं और मेरी प्राथमिकता रहेगी कि पार्टी के टिकट पर ही चुनाव लड़ूं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती है, तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

पूर्व सांसद ने कहा, “अगर पार्टी टिकट नहीं देती है तो भी मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा। मेरी लड़ाई पद के लिए नहीं, बल्कि सम्मान और सच्चाई के लिए है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में उनका सफर आसान नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा संघर्ष के रास्ते को चुना है।

अपने बयान में बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें अपमानित किया गया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ माहौल बनाया गया ताकि उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा सके। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि राजनीति में कई बार ऐसे दौर आते हैं जब अपने ही लोग दूर हो जाते हैं।

पूर्व सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। समर्थकों का कहना है कि बृजभूषण शरण सिंह का जमीनी आधार अभी भी मजबूत है और अगर वह चुनाव लड़ते हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। वहीं, विरोधी इसे उनकी राजनीतिक मजबूरी और दबाव की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।

कैसरगंज लोकसभा सीट को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अगर बृजभूषण शरण सिंह चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो यह सीट एक बार फिर सुर्खियों में आ सकती है। खासतौर पर यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है और क्या पार्टी उन्हें दोबारा मौका देती है या नहीं।

फिलहाल, बृजभूषण शरण सिंह के “जिंदा रहा तो चुनाव जरूर लड़ूंगा” वाले बयान ने साफ कर दिया है कि वह राजनीति से दूर जाने के मूड में नहीं हैं। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम और पार्टी की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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