सीएम योगी ने माघ मेले को लेकर साफ निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा का ध्यान रखा जाए. सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान एवं पूजा कर सकें.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले और आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की गहन समीक्षा की। शुक्रवार को अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांतिपूर्ण आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

माघ मेला और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, बल्कि फील्ड पर उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि माघ मेला और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
सीएम योगी ने कहा कि माघ मेला आस्था और परंपरा का प्रतीक है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात और भीड़ नियंत्रण तक हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्नान घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की संभावना को पहले ही रोक लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान छोटी-सी चूक भी बड़ी समस्या का रूप ले सकती है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी प्लान तैयार किया जाए। ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और पैदल आवागमन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश हों, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ पर नजर रखी जाए और रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। आपात स्थिति में त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि साफ-सफाई केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि अफवाहों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाए। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो, ताकि किसी भी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। किसी भी समुदाय की भावना को ठेस न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा साफ है—हर श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में स्नान, पूजा और दर्शन कर सके। इसके लिए प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।