योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति 2024 के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय किया है। सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट मिलेगी। कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए जिनमें से 13 को स्वीकृति मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, परिवहन, खेल और सुरक्षा से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक को प्रदेश के विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। कैबिनेट में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के बाद प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।

सेमीकंडक्टर निवेश को मिलेगा मेगा प्रोत्साहन
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने से जुड़ा प्रस्ताव रहा। सरकार ने जनवरी 2024 में लागू की गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। यह प्रोत्साहन केस-टू-केस आधार पर दिया जाएगा।

सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्तमान में अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है। भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और उत्तर प्रदेश को एक बड़े सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। नीति के तहत निवेशकों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2,000 प्रतिमाह), जल शुल्क में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट ₹2 बिजली बिल में छूट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में बड़े निवेश के साथ-साथ हजारों नए रोजगार अवसर सृजित करना है।
पीलीभीत में बनेगा अत्याधुनिक बस स्टेशन
कैबिनेट बैठक में पीलीभीत के टनकपुर रोड पर एक नए और आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। यह बस स्टेशन राजस्व विभाग की 1.317 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 30 वर्षों की लीज पर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इस लीज को 90 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। इस बस स्टेशन के बनने से उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
वाराणसी में बनेगा 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने वाराणसी में 500 शैय्या वाले मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को स्वीकृति दी है। यह अस्पताल शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में बनेगा, जहां पहले से मौजूद 11 जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। इस परियोजना पर ₹315.48 करोड़ की लागत आएगी। इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। अस्पताल के निर्माण से पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधा मिलेगी।
खेल विभाग में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
कैबिनेट ने खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब कुल 18 पदों में से दो-तिहाई पद पदोन्नति से और एक-तिहाई पद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों से भरे जाएंगे। इससे अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलेगा।
कानपुर में पीएसी जवानों के लिए नए आवास
कानपुर स्थित 37वीं वाहिनी पीएसी के पुराने और जर्जर आवासीय भवनों को ध्वस्त कर 108 नए आवास बनाए जाएंगे। इससे पीएसी जवानों को बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
वाराणसी में खुलेगा नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का ऑफ-कैंपस
कैबिनेट ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर के वाराणसी में ऑफ-कैंपस खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए 50 एकड़ भूमि 99 वर्षों की लीज पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम और आपराधिक जांच के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी शैक्षणिक और तकनीकी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार के ये फैसले प्रदेश को औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, परिवहन और सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले माने जा रहे हैं।
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