योगी सरकार का सख्त फैसला: यूपी के अफसर-कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू !

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मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग एवं सरकारी संस्थाएं आवश्यकता अनुरूप अपना पाठ्यक्रम बनाकर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई, जिसमें मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे की मजबूती, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिति और विभिन्न विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों के क्षमता संवर्धन से जुड़े अहम बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई।

योगी सरकार का सख्त फैसला: यूपी के अफसर-कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू !
योगी सरकार का सख्त फैसला: यूपी के अफसर-कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू !

बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अब तक के क्रियान्वयन की स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राज्य के विभिन्न विभागों में डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को नए कौशल से लैस किया जा रहा है, ताकि शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र में सोच, कार्यशैली और जवाबदेही की संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यह मिशन वैश्विक दृष्टिकोण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करता है और ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करने पर केंद्रित है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बनें।

सीएम योगी ने कहा कि आज के दौर में शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालना अत्यंत आवश्यक है। बदलती तकनीक, जन अपेक्षाओं में वृद्धि और तेजी से हो रहे सामाजिक-आर्थिक बदलावों के बीच प्रशासनिक दक्षता का महत्व और भी बढ़ गया है। ऐसे में मिशन कर्मयोगी शासन को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

योगी सरकार का सख्त फैसला: यूपी के अफसर-कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू !
योगी सरकार का सख्त फैसला: यूपी के अफसर-कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू !

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि उसका सीधा लाभ जनसेवा की गुणवत्ता में दिखना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल को विभागों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना होगा और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि ई-लर्निंग और ऑनलाइन प्रशिक्षण से समय और संसाधनों की बचत होती है, साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों तक एक साथ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उसके प्रभाव का आकलन किया जाए, ताकि आवश्यक सुधार समय पर किए जा सकें।

बैठक में यह भी बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत राज्य सरकार विभिन्न विभागों के लिए भूमिका-आधारित प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास कार्यक्रम और व्यवहारिक कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम तैयार कर रही है। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में निर्णय क्षमता, नवाचार और जवाबदेही की भावना को और मजबूत किया जा सकेगा।

अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में प्रशासनिक दक्षता और मानव संसाधन की गुणवत्ता विकास की गति तय करती है। मिशन कर्मयोगी के सफल क्रियान्वयन से न केवल सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि आम नागरिकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस मिशन को केवल एक योजना के रूप में नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार के आंदोलन के रूप में अपनाएं, ताकि ‘नए उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में यह एक मजबूत आधार बन सके।

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