सीएम योगी का सख्त संदेश: मच्छर और माफिया, दोनों से सावधान !

सीएम योगी ने कहा कि बदलाव ही समृद्धि और खुशहाली का आधार है. इसी मंत्र को अपनाते हुए आज जब भारत आगे बढ़ रहा है तो उसमें उत्तर प्रदेश और गोरखपुर भी पीछे नहीं है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में शिरकत की और इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने मच्छर और माफिया की तुलना करते हुए दोनों को एक-दूसरे का पूरक बताया।

सीएम योगी का सख्त संदेश: मच्छर और माफिया, दोनों से सावधान !
सीएम योगी का सख्त संदेश: मच्छर और माफिया, दोनों से सावधान !

उन्होंने कहा कि जिस तरह मच्छर शरीर को अस्वस्थ करता है, उसी तरह माफिया समाज को बीमार कर देता है। जब समाज शारीरिक स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक नहीं होता, तब उसे इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता केवल शारीरिक या व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज को माफिया, गुंडों और अराजक तत्वों से भी मुक्त करना उतना ही जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह पूरे समाज को कमजोर कर देती हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी एकजुट होकर खड़े हों।

सीएम योगी का सख्त संदेश: मच्छर और माफिया, दोनों से सावधान !
सीएम योगी का सख्त संदेश: मच्छर और माफिया, दोनों से सावधान !

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के पुराने हालात को याद करते हुए कहा कि एक समय यह क्षेत्र माफियाराज और गुंडाराज के लिए कुख्यात था। उन्होंने कहा कि केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी।

हर दूसरे-तीसरे दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में दंगे होते थे। आम नागरिक, व्यापारी, बहन-बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। व्यापारियों को जबरन ‘गुंडा टैक्स’ देने के लिए मजबूर किया जाता था और कानून व्यवस्था नाम मात्र की रह गई थी।

सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारी गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। नौनिहालों की जान इस बीमारी की वजह से जा रही थी, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई ठोस और प्रभावी नीति नहीं थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी और गरीब परिवार अपने बच्चों के इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर थे। इसके साथ ही बेरोजगारी चरम पर थी, जिसके चलते प्रदेश के नौजवानों को पलायन करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में उनकी सरकार ने इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिससे कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में दंगों और अराजकता की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है और आमजन खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा है। व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा मिला है और बहन-बेटियां बिना डर के अपने काम कर पा रही हैं।

सीएम योगी ने इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रभावी स्वास्थ्य नीतियों, बेहतर इलाज और जागरूकता अभियानों के चलते इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बने। इसके लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए केवल सरकार की कोशिशें काफी नहीं हैं, बल्कि आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखें, कानून व्यवस्था में सहयोग करें और माफिया व अपराध के खिलाफ सरकार की कार्रवाई में साथ दें।

सीएम योगी ने विश्वास जताया कि जागरूक समाज और मजबूत प्रशासन के साथ उत्तर प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और पुराने अराजक दौर को हमेशा के लिए पीछे छोड़ देगा।

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