नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
उमरन में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम में मंगलवार को सियासी माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी के आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अतुल सिंह ने राहुल गांधी को राजा माहे पासी की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर, किसान और स्थानीय लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे आयोजन जनसमर्थन का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान और महात्मा गांधी की सोच को मिटाना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आजादी से पहले जैसा हिंदुस्तान था, दुर्भाग्यवश आज भी हालात वैसे ही बनते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में गरीबों, किसानों और मजदूरों की जमीन छीनी जा रही है, उनके अधिकार खत्म किए जा रहे हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं का पैसा बड़े पूंजीपतियों अडानी और अंबानी को दिया जा रहा है, जबकि असली हकदार मजदूर और किसान भुखमरी की कगार पर खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, न कि किसानों और मजदूरों की। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि अडानी-अंबानी की सरकार से आम जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला। उन्होंने मंच से मनरेगा मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को सफल नहीं होने देगी।

इस मौके पर मंच पर मौजूद सांसद केएल शर्मा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी की आत्मा को ठेस पहुंचाने जैसा है। केएल शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक योजना का नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि गांधी जी की विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता राहुल गांधी के साथ खड़ा है और पूरे प्रदेश में मनरेगा बचाओ समिति के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतुल सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूर अकेले नहीं हैं, हम सभी एकजुट होकर इस योजना को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना गरीब और कमजोर तबके के लिए वरदान साबित हुई थी, लेकिन मोदी सरकार द्वारा किए गए बदलावों ने गरीबों के आर्थिक हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अतुल सिंह ने कहा कि आज जरूरत है कि सभी मजदूर, किसान और सामाजिक संगठन एक मंच पर आकर मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष करें।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी, विजय शंकर अग्निहोत्री, पूर्व विधायक अजयपाल सिंह, सुशील पासी, प्रमेन्द्र पाल गुलाटी, शिवानंद मौर्या, ज्योति पासी, अनिरुद्ध दीक्षित, केदार नाथ सिंह, शैलेन्द्र सिंह, रणजीत सिंह, शाजू नकवी सहित हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे आयोजन में मनरेगा बचाने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश साफ नजर आया कि मनरेगा बचाओ संग्राम को कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है और आने वाले समय में इसे और तेज किया जाएगा।