उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में नए नाम जुड़वाने और आपत्तियों का क्रम जारी है. इस बीच नई जानकारी सामने आई है जो मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है.
उत्तर प्रदेश में जारी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 (UP SIR-2026) के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को और सख्त व पारदर्शी बना दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होगा। इस संबंध में आयोग ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आवेदन से जुड़ी सभी जरूरी शर्तों और दस्तावेजों की जानकारी दी है। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फार्म-6 में आवेदक को अपना नाम और पता सही व शुद्ध वर्तनी में भरना होगा। इसके साथ ही नवीनतम स्पष्ट फोटो और वर्तमान मोबाइल नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है। आयोग का मानना है कि गलत जानकारी और अपूर्ण विवरण के कारण मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आती हैं, जिन्हें रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आयु प्रमाण के लिए जरूरी दस्तावेज

UP SIR-2026 के तहत आयु प्रमाण के लिए कई दस्तावेजों को मान्य किया गया है। इनमें सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल या इंटरमीडिएट का प्रमाण-पत्र (जिसमें जन्म तिथि अंकित हो) और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। यदि आवेदक के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो जन्म तिथि के प्रमाण के लिए अन्य वैध दस्तावेज भी स्वीकार किए जा सकते हैं।
यदि आयु प्रमाण उपलब्ध न हो तो क्या करें?
ऐसे मामलों में अलग-अलग आयु वर्ग के लिए अलग व्यवस्था की गई है। 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदकों को अपने माता-पिता या गुरु (तृतीय लिंग के मामलों में) के हस्ताक्षर से शपथ पत्र (अनुलग्नक-27) प्रस्तुत करना होगा और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) या सहायक/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। यदि माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो ग्राम प्रधान, नगर निगम या नगर पंचायत के सदस्य द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र मान्य होगा। वहीं, 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र देकर भी आयु का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।
निवास प्रमाण के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी?
निवास प्रमाण के लिए आधार कार्ड, कम से कम एक वर्ष पुराना पानी, बिजली या गैस कनेक्शन बिल, बैंक या डाकघर की वर्तमान पासबुक, भारतीय पासपोर्ट, राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख (किसान बही सहित), रजिस्ट्रीकृत किरायानामा या विक्रय विलेख मान्य होंगे। यदि इन में से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
घोषणा पत्र में 2003 की मतदाता सूची का विवरण जरूरी
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत सबसे अहम शर्त यह है कि फार्म-6 के साथ दिए जाने वाले घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची का विवरण भरना होगा। इसमें स्वयं का या माता-पिता, दादा-दादी अथवा नाना-नानी में से किसी एक का नाम, विधानसभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या और क्रम संख्या दर्ज करनी होगी। यदि यह विवरण सही तरीके से मैप हो जाता है, तो आवेदक को कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। लेकिन यदि विवरण उपलब्ध नहीं है या डेटा बेस से मेल नहीं खाता, तो संबंधित आवेदक को नोटिस भेजा जाएगा और उससे जन्म तिथि व जन्म स्थान से जुड़े निर्धारित अभिलेख मांगे जाएंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि पात्र नागरिक voter.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या फिर बीएलओ/ईआरओ के जरिए ऑफलाइन फार्म-6 और घोषणा पत्र जमा कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि यह व्यवस्था मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए की गई है और सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय रहते सही और पूर्ण जानकारी के साथ आवेदन करें।
कुल मिलाकर, UP SIR-2026 के तहत लागू की गई नई शर्तें मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। हालांकि, आम नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर हो सकती है, लेकिन आयोग का कहना है कि इसका अंतिम उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था को मजबूत करना है।