सोने और चांदी के भाव में बीते दो महीने में भारी उठापटक देखा गया है। चांदी तो 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई। जानकारों के मुताबिक, दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख और घरेलू स्तर पर बढ़ती मांग के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उछाल देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत 4,000 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर 2,68,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अहम स्तर को पार कर गया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ (AIBJA) के अनुसार, चांदी बुधवार को करीब 1.5 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुई। इससे पहले मंगलवार को चांदी का भाव 2,64,500 रुपये प्रति किलोग्राम था। चांदी में आई यह तेजी बीते कई सत्रों की सुस्ती के बाद निवेशकों और कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
सोने में भी मजबूती बरकरार

वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी खरीदारी के समर्थन से 600 रुपये यानी 0.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,61,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में यह मजबूती सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग का संकेत है।
वैश्विक बाजारों से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर डॉलर में हल्की कमजोरी, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रुख के कारण निवेशक एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप में आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं के बीच सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी भी कीमतों को सहारा दे रही है।
घरेलू मांग ने भी बढ़ाया दबाव
घरेलू बाजार में शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की सक्रियता ने भी कीमतों को ऊपर की ओर धकेला है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में ग्राहकों की पूछताछ बढ़ी है, खासकर उन निवेशकों की जो कीमतों में और तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
चांदी के मामले में औद्योगिक मांग भी कीमतों को समर्थन दे रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की खपत बढ़ने से इसके भाव में तेजी देखी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत सपोर्ट जोन में हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करें।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं और डॉलर कमजोर रहता है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी के दाम और ऊपर जा सकते हैं।
आम खरीदारों पर असर
कीमतों में इस उछाल का असर आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। सोने-चांदी की महंगाई के चलते आभूषण खरीदने वालों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि, सर्राफा व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहारों और शादियों के सीजन में मांग बनी रहेगी।
आगे क्या?
कुल मिलाकर, वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों के चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। आने वाले दिनों में निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों से जुड़े संकेतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए रखेंगे, जो कीमती धातुओं की आगे की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल, सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं और बाजार में सतर्कता के साथ-साथ उम्मीद का माहौल बना हुआ है।
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